हिमाचल प्रदेश: एनएचएम (NHM) अनुबंध कर्मचारियों के वेतन ढांचे में संशोधन
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत अनुबंध पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के वेतन ढांचे में संशोधन किया है। इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
मुख्य बिंदु
- पात्रता: जिन कर्मचारियों ने लगातार 7 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें इस संशोधित वेतन ढांचे का लाभ मिलेगा।
- संशोधित बेस सैलरी: पात्र कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से 18,000 रुपये से लेकर 56,100 रुपये तक की संशोधित बेस सैलरी का लाभ दिया जाएगा।
- इंक्रीमेंट (वार्षिक वृद्धि): पात्र कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के आधार पर 3 फीसदी की एकमुश्त बढ़ोतरी और इसके बाद वर्ष 2027 से प्रतिवर्ष 3 फीसदी का वार्षिक इंक्रीमेंट मिलेगा।
महत्वपूर्ण नोट: यह संशोधन राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुबंध आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों के वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
हिमाचल प्रदेश: एनएचएम अनुबंध कर्मचारियों के वेतन ढांचे में संशोधन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत हिमाचल प्रदेश में अनुबंध पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी अपडेट सामने आई है।
मुख्य विशेषताएं
- लागू होने की तिथि: सात वर्ष की लगातार सेवा पूरी कर चुके पात्र एनएचएम कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से संशोधित बेस सैलरी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
- वेतन श्रेणियां: इस नई व्यवस्था के तहत कुल 66 श्रेणियों के लिए अलग-अलग बेस सैलरी निर्धारित की गई है।
- वेतन सीमा: कर्मचारियों की संशोधित बेस सैलरी 18,000 रुपये से लेकर 56,100 रुपये तक होगी।
लाभ: इस संशोधन से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुबंध पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों के वेतन ढांचे में सुधार होगा और उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
हिमाचल प्रदेश: एनएचएम वेतन संशोधन का लाभ पाने वाली श्रेणियां
हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत वेतन ढांचे में संशोधन का लाभ विभिन्न विभागों के अनुबंध कर्मचारियों को मिलेगा। इस संशोधन के दायरे में आने वाली प्रमुख श्रेणियां इस प्रकार हैं:
प्रमुख श्रेणियां और पद
- चिकित्सा और विशेषज्ञ वर्ग: मेडिकल ऑफिसर और विभिन्न विशेषज्ञ (Specialists)
- पैरामेडिकल और स्वास्थ्य कर्मी: स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, और लैब टेक्नीशियन
- चिकित्सकीय सहायता और परामर्श: मनोवैज्ञानिक (Psychologists) और फिजियोथेरेपिस्ट
- प्रशासनिक और वित्तीय पद: अकाउंटेंट और क्लर्क
- अन्य सेवाएं: ड्राइवर और चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) कर्मचारी
संक्षेप में: स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले इन सभी पदों पर न्यूनतम 7 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके अनुबंध कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से इस संशोधित वेतनमान का लाभ मिलना तय किया गया है।
सात साल सेवा वालों को 3 फीसदी की एकमुश्त बढ़ोतरी
संशोधित व्यवस्था के तहत सात वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी नए बेस सैलरी ढांचे के पात्र होंगे। कर्मचारियों की आपसी वरिष्ठता को बनाए रखने के लिए सेवा अवधि को भी वेतन निर्धारण में शामिल किया गया है। 31 मार्च 2026 तक पात्रता पूरी कर चुके कर्मचारियों को उनकी लगातार सेवा के वर्षों के आधार पर संशोधित बेस सैलरी पर 3 फीसदी की दर से एकमुश्त वेतनवृद्धि दी जाएगी। इसके बाद एक अप्रैल 2027 से पात्र कर्मचारियों को हर साल 3 फीसदी वार्षिक इंक्रीमेंट मिलेगा।
सात साल पूरे नहीं करने वालों को 5 फीसदी बढ़ोतरी
जिन कर्मचारियों ने अभी सात वर्ष की निरंतर सेवा पूरी नहीं की है या जो फिलहाल संशोधित वेतन निर्धारण के लिए पात्र नहीं हैं, उनके लिए भी राहत का प्रावधान किया गया है। ऐसे कर्मचारियों के मौजूदा वेतन में एक अप्रैल 2026 से एकमुश्त 5 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। हालांकि, इस संशोधन के तहत उन्हें कोई अन्य अतिरिक्त वृद्धि नहीं मिलेगी। इन कर्मचारियों को एक अप्रैल 2027 से हर वर्ष 5 फीसदी की वार्षिक वेतनवृद्धि मिलती रहेगी। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक कर्मचारी संशोधित वेतन निर्धारण के लिए निर्धारित पात्रता पूरी नहीं कर लेते।
66 श्रेणियों के कर्मचारियों को फायदा
नई वेतन व्यवस्था में एनएचएम के तहत काम कर रही 66 श्रेणियों के लिए अलग-अलग बेस सैलरी तय की गई है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के पद शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित बेस सैलरी 18,000 रुपये से 56,100 रुपये के बीच है। वास्तविक वेतन संबंधित कर्मचारी की श्रेणी और पात्रता के आधार पर निर्धारित होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी के बाद लागू हुआ संशोधन
एनएचएम निदेशक की ओर से संशोधित वेतन व्यवस्था को वर्ष 2026-27 के लिए लागू किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मंजूरी और एनएचएम की गवर्निंग बॉडी के निर्णय के बाद आदेश जारी किए गए हैं। संशोधित वेतन निर्धारण से संबंधित आदेश संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के कार्यालयों में तैनात सहायक नियंत्रक (HPF&AS) की ओर से जारी किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश भेज दिए गए हैं।
