हाईलाइट्स: IGMC शिमला हिमकेयर घोटाले में जांच तेज, पूर्व MS डॉ. जनकराज से विजिलेंस पूछताछ
शिमला स्थित आईजीएमसी (IGMC) में हिमकेयर योजना से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच के तहत स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक (MS) डॉ. जनकराज को पूछताछ के लिए शिमला स्थित विजिलेंस कार्यालय तलब किया गया है।
मामले के मुख्य बिंदु (Key Details)
- पूछताछ का कारण: डॉ. जनकराज के आईजीएमसी में चिकित्सा अधीक्षक (MS) रहते हुए ‘हिमकेयर योजना’ के तहत हुए आय-व्यय, विभिन्न अस्पतालों को किए गए भुगतान और अन्य वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं की जांच।
- विजिलेंस की कार्रवाई: विजिलेंस की टीम हिमकेयर से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है और इसी सिलसिले में पूर्व MS से विस्तृत जवाब-तलब किया जाएगा।
- वर्तमान स्थिति: विजिलेंस ब्यूरो के शिमला कार्यालय में आज (20 अगस्त) पूछताछ निर्धारित की गई है।
विजिलेंस के दायरे में हिमकेयर मामला: पूर्व एमएस और भाजपा विधायक डॉ. जनक राज से शिमला कार्यालय में पूछताछ
हिमाचल प्रदेश में बहुचर्चित ‘हिमकेयर योजना’ (Himcare Scheme) में कथित वित्तीय गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थान आईजीएमसी शिमला (IGMC Shimla) के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक (MS) और वर्तमान भाजपा विधायक डॉ. जनक राज से स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम पूछताछ कर रही है।
जांच के प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- विजिलेंस का शिकंजा: धर्मशाला के पूर्व विधायक सुधीर शर्मा के बाद अब विजिलेंस ने डॉ. जनक राज को शिमला स्थित मुख्यालय तलब किया है।
- कार्यालयीन कार्यकाल की पड़ताल: डॉ. जनक राज ने 31 मार्च 2018 से 18 अक्टूबर 2022 तक आईजीएमसी में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। जांच एजेंसी उनके इसी कार्यकाल के दौरान के रिकॉर्ड खंगाल रही है।
- किन मामलों पर है नजर:
- हिमकेयर योजना के तहत अस्पतालों को किए गए भुगतानों का लेखा-जोखा।
- योजना के सुचारू संचालन, प्रशासनिक देखरेख और दावों (Claims) की मॉनिटरिंग प्रक्रिया।
- उस दौरान लिए गए प्रमुख प्रशासनिक निर्णय और वित्तीय दस्तावेज।
विजिलेंस की कार्रवाई: जांच एजेंसी का कहना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के लिए तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों के बयान और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका
हिमकेयर योजना में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। जांच में ऐसे निजी अस्पतालों को योजना के तहत इंपैनल किए जाने के तथ्य सामने आए हैं, जिनकी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को लेकर सवाल उठे हैं। आरोप है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में दो कमरों में संचालित होने वाले और पर्याप्त सुविधाएं न होने के बावजूद कुछ अस्पतालों को इसमें शामिल किया गया। इसके बाद इन अस्पतालों में मरीजों के उपचार, बिलिंग और सरकार से किए गए दावों की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है। विजिलेंस अलग-अलग अस्पतालों में मरीजों की संख्या, उपचार का रिकॉर्ड, बिलिंग और सरकार की ओर से जारी भुगतान का मिलान कर रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि अस्पतालों के इंपैनलमेंट के दौरान निर्धारित नियमों और मानकों का पालन हुआ था या नहीं।
मुझे विजिलेंस कार्यालय बुलाया गया है। वीरवार को 11 बजे कार्यालय जाऊंगा। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। आईजीएमसी में मेरे वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) रहते हिमकेयर में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। – डॉ. जनकराज, भाजपा विधायक
भाजपा के पूर्व मंत्री से भी हो सकती है पूछताछ
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस में केस दर्ज है। उनसे इस मामले में विजिलेंस ने मंगलवार को पूछताछ की थी। वहीं, आशीष शर्मा से एक अन्य मामले में पूछताछ हो चुकी है। इसके अलावा, पूर्व विधायक होशियार सिंह से सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में विजिलेंस ने केस दर्ज किया है। वहीं, पूर्व विधायक केएल ठाकुर और चैतन्य शर्मा से भी अलग-अलग मामलों में पूछताछ की जा चुकी है।
