हिमाचल विधानसभा: डेढ़ साल में मंत्रियों, विधायकों और 228 अधिकारियों ने किए विदेश दौरे, सरकार ने दी जानकारी

आधिकारिक दौरों के बहुआयामी उद्देश्य और प्राथमिकताएं

प्रमुख बिंदु:

  • निवेश को बढ़ावा देना: राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में नए निवेश आकर्षित करना ताकि आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके।
  • पर्यटन और बुनियादी ढांचा: पर्यटन सेक्टर को सशक्त बनाने के साथ-साथ आधुनिक रोपवे परियोजनाओं का अध्ययन करना।
  • हरित परिवहन (Green Transport): पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित परिवहन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना।
  • कृषि व बागवानी तकनीक: आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बागवानी और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार करना।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं को तलाशने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग और साझेदारियों को मजबूत करना।

विदेशी दौरों के बहुआयामी उद्देश्य: निवेश, पर्यटन और आधुनिक तकनीक

प्रमुख बिंदु:

  • दौरों का दायरा: जनवरी 2023 से जुलाई 2025 के बीच मंत्रियों, विधायकों और विभिन्न विभागों के 228 अधिकारियों ने सरकारी कार्यक्रमों के तहत विदेशी दौरे किए।
  • मुख्य उद्देश्य: इन दौरों में राज्य में निवेश आकर्षित करना, पर्यटन व रोपवे परियोजनाओं का अध्ययन करना, हरित परिवहन को बढ़ावा देना, बागवानी-कृषि की नई तकनीकों को समझना और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाना शामिल था।
  • दुबई दौरा: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में दिसंबर 2023 में एक प्रतिनिधिमंडल ने दुबई का दौरा किया था, जिस पर 11.73 लाख रुपये खर्च हुए। इसका मकसद पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशना था।
  • ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड दौरा: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के दल ने 37.72 लाख रुपये के खर्च से इन देशों का दौरा कर रोपवे तकनीक और आधुनिक परिवहन प्रणालियों का अध्ययन किया।
  • ऑस्ट्रेलिया दौरा: जनवरी 2024 में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, चार्जिंग स्टेशनों और ई-टिकटिंग प्रणाली के अध्ययन के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया, जिसका खर्च निगम की निधि से वहन किया गया।

कृषि व बागवानी तकनीकों का वैश्विक अध्ययन और वित्तीय प्रबंधन

प्रमुख बिंदु:

  • कृषि और बागवानी को प्राथमिकता: विदेशी दौरों में सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व बागवानी और कृषि क्षेत्र से जुड़े मंत्रियों, अधिकारियों और वैज्ञानिकों का रहा।
  • अध्ययन के प्रमुख क्षेत्र: नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, फ्रांस, जॉर्जिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड जैसे देशों में अधिकारियों ने पौध स्वास्थ्य, स्मार्ट फार्मिंग, उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री, जलवायु-अनुकूल कृषि और आधुनिक उत्पादन तकनीकों का गहराई से अध्ययन किया।
  • विदेशी funding और वित्तीय राहत: सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, कई विदेशी यात्राओं का पूरा खर्च संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, विश्व बैंक समर्थित परियोजनाओं, एशियाई विकास बैंक, कोरिया रूरल कम्युनिटी कॉरपोरेशन, यूरोपीय संघ और अन्य विदेशी सहयोगी संस्थाओं ने वहन किया, जिससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ा।

सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नर्सों के 672 पद खाली

 हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नर्सों के 672 पद खाली हैं। प्रदेश सरकार भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार ही 45 फीसदी पद सीधी भर्ती, 45 फीसदी बैचवाइज और 10 फीसदी प्रमोशन के माध्यम से भरे जाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी भाजपा विधायक सुधीर शर्मा की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि स्टाफ नर्सों की नियुक्ति छठे वेतनमान के तहत लेवल -9 में की जा रही है। उक्त पालिसी के तहत मानदेय 25000 प्रति महीना निर्धारित है। मंत्रिमंडल और विधि विभाग से अनुमति के बाद ही नीति के तहत इनकी तैनाती की जाती है।

लौंट-लूहरी को वर्ष 2012 में राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित : विक्रमादित्य

 केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लौंट-लूहरी को वर्ष 2012 में राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया। 1 अगस्त, 2026 तक इसको डबन लेन बनाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया। गत 3 वर्षों में 1 अगस्त, 2026 तक इस सड़क पर विभिन्न कार्यों के लिए 56.06 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। जिसमें से 39.88 करोड़ के कार्य के लिए राशि ठेकेदार को आवंटित की गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 3015.35 करोड़ की पांच परियोजनाएं भी केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजी गई है।

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