जांगलिक सड़क का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान तांगणू-जांगलिक पंचायत क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भूस्खलन के कारण बंद पड़ी जांगलिक सड़क का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और सड़क की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से सड़क को लेकर चल रही कार्रवाई और बहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए इसकी बहाली के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
दस दिन के भीतर सड़क बहाल करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को जांगलिक सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क को 10 दिन के भीतर यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा जाए। सड़क बंद होने से स्थानीय निवासियों, किसानों और अन्य लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सड़क की बहाली से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी और सामान्य आवागमन फिर से सुचारू हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और आवश्यक संसाधनों का उचित इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए।
जांगलिक पुल के निर्माण के लिए 4 करोड़ की अतिरिक्त राशि
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन जांगलिक पुल को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने पुल के निर्माण कार्य को गति देने के लिए सरकार की ओर से 4 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा की। अतिरिक्त बजट मिलने से पुल से जुड़े निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। क्षेत्र में बेहतर संपर्क व्यवस्था के लिए इस पुल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने का उद्देश्य निर्माण कार्य में आने वाली वित्तीय जरूरतों को पूरा करना और परियोजना को आगे बढ़ाना है।
थैंटवाड़ी गांव के प्रभावित क्षेत्र के लिए 2 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने थैंटवाड़ी गांव के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का भी जायजा लिया। क्षेत्र में भूस्खलन के कारण उत्पन्न स्थिति और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 2 करोड़ रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। इस राशि का उपयोग प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक कार्यों और राहत से जुड़े प्रयासों के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
सड़क और पुल से जुड़े कार्यों में तेजी लाने पर जोर
भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और अन्य जरूरी ढांचागत सुविधाओं को बहाल करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। जांगलिक सड़क की बहाली के साथ-साथ निर्माणाधीन पुल के काम को भी गति देने पर जोर दिया गया। सरकार की ओर से अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र में जरूरी विकास कार्यों को आगे बढ़ाना और लोगों की आवाजाही से जुड़ी समस्याओं को कम करना है।
स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद
जांगलिक सड़क को 10 दिन के भीतर यातायात के लिए बहाल करने के निर्देश और जांगलिक पुल के लिए अतिरिक्त धनराशि की घोषणा से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, थैंटवाड़ी गांव के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के लिए 2 करोड़ रुपये की सहायता से प्रभावित इलाके में आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सड़क और पुल से जुड़े कार्य पूरे होने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आवागमन व्यवस्था में सुधार हो सकता है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान की गई इन घोषणाओं से जांगलिक और थैंटवाड़ी क्षेत्र के प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे कार्रवाई की उम्मीद है।
