हिमाचल हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: भर्ती नियमों के अलावा विज्ञापन में अतिरिक्त शर्तें जोड़ना अवैध

प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विज्ञापन में अतिरिक्त शर्तें जोड़ना अवैध

भर्ती एवं पदोन्नति नियमों (R&P Rules) के अलावा विज्ञापन में कोई भी अतिरिक्त शर्त जोड़ना अवैध है।

मुख्य बातें और निर्देश:

  • नियमों की सर्वोच्चता: हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया केवल निर्धारित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के दायरे में ही होनी चाहिए।
  • अतिरिक्त शर्तों पर रोक: विभाग या भर्ती एजेंसियां विज्ञापन निकालते समय नियमों से बाहर जाकर अपनी ओर से कोई नई या अतिरिक्त पात्रता शर्त नहीं जोड़ सकतीं।
  • उम्मीदवारों को राहत: इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें विज्ञापनों में जोड़ी गई अतिरिक्त और मनमानी शर्तों के कारण प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता था।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का अहम फैसला: विज्ञापन में अतिरिक्त शर्तें जोड़ना अवैध, पिंकी को कंडक्टर पद पर नियुक्ति के निर्देश

भर्ती एवं पदोन्नति नियमों (R&P Rules) के अलावा विज्ञापन में कोई भी अतिरिक्त शर्त जोड़ना अवैध है। हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए अपीलकर्ता को नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।

मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • एकल जज का फैसला पलटा: मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने एकल जज के फैसले को खारिज कर दिया है।
  • पिंकी को नियुक्ति के आदेश: कोर्ट ने अपीलकर्ता पिंकी को एचआरटीसी में कंडक्टर के पद पर नियुक्त करने और वरिष्ठता सहित सभी काल्पनिक (नोशनल) लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
  • विवाद की पृष्ठभूमि: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 4 अप्रैल 2023 को एचआरटीसी में कंडक्टर के 360 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें एक विशेष नोट जोड़कर सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए हिमाचल के भीतर स्थित स्कूलों से ही 10वीं और 12वीं पास होना अनिवार्य कर दिया गया था।
  • आवेदन रद्द होने की वजह: पिंकी ने सामान्य श्रेणी से आवेदन कर परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन 12वीं की परीक्षा हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड (भिवानी) से होने और मूल रूप से हिमाचल की निवासी न होने के कारण उनका आवेदन रद्द कर दिया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का अहम फैसला: आरएंडपी नियमों के विरुद्ध विज्ञापन में शर्तें लगाना कानूनन गलत

भर्ती एवं पदोन्नति नियमों (R&P Rules) के विपरीत विज्ञापन में पाबंदी लगाना कानूनन गलत है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नियमों से बाहर जाकर अतिरिक्त शर्तें नहीं जोड़ी जा सकतीं।

फैसले के मुख्य बिंदु और अदालत की टिप्पणियां:

  • प्रभावी नियम: हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पाया कि एचआरटीसी कंडक्टर भर्ती के लिए संशोधित नियम- 2015 प्रभावी हैं, जिसके तहत शैक्षणिक योग्यता केवल किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 12वीं पास निर्धारित की गई है।
  • स्थानीयता की शर्त का अभाव: नियमों में यह कहीं भी नहीं लिखा है कि पढ़ाई केवल हिमाचल प्रदेश के भीतर स्थित स्कूल से ही होनी चाहिए।
  • अध अधिसूचना को न अपनाना: हालांकि राज्य सरकार ने 2019 में क्लास-3 और 4 के पदों के लिए ऐसी शर्त से संबंधित अधिसूचना जारी की थी, लेकिन एचआरटीसी ने इस भर्ती के लिए उस अधिसूचना को आधिकारिक तौर पर नहीं अपनाया था।
  • परीक्षा में बैठने के बाद चुनौती देने का अधिकार: अदालत ने प्रतिवादियों के उस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें यह कहा गया था कि परीक्षा में भाग लेने के बाद उम्मीदवार इस प्रक्रिया को चुनौती नहीं दे सकता।

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