प्रदेश प्रभारी बोले: मंत्री नहीं आए, हम समझौता करवाना चाहते थे
शिमला: शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी के प्रदेश प्रभारी ने संगठन और जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि “मंत्री परसों भी नहीं आए, जबकि हम तो समझौता करवाने का प्रयास कर रहे थे।”
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि उन्होंने निगम भंडारी को जिला अध्यक्ष नहीं बनाया है और न ही यह फैसला पार्टी की ओर से लिया गया है। उनके अनुसार, निगम भंडारी का नाम संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत सामने आया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन से जुड़े सभी निर्णय तय प्रक्रिया के अनुसार लिए जा रहे हैं और पार्टी के भीतर समन्वय बनाए रखने के प्रयास लगातार जारी हैं।
किन्नौर विवाद पर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी का बयान, बोलीं- समझौते की कोशिश सफल नहीं हुई
शिमला: कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने स्वीकार किया कि वह राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और किन्नौर जिला अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच चल रहे विवाद का समाधान नहीं करा सकीं।
शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान रजनी पाटिल ने कहा कि पार्टी दोनों नेताओं के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रही थी, लेकिन “मंत्री परसों भी नहीं आए, जबकि हम समझौता करवाना चाहते थे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निगम भंडारी को जिला अध्यक्ष उन्होंने नहीं बनाया है और न ही यह नियुक्ति सीधे पार्टी की ओर से की गई है। उनके अनुसार, निगम भंडारी का नाम संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत सामने आया है और उसी प्रक्रिया के तहत उनका चयन हुआ है।
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि पार्टी संगठनात्मक मामलों को तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ा रही है और आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास जारी है।
निगम भंडारी का नाम संगठन सृजन कार्यक्रम में आया
पाटिल ने कहा कि एक मंत्री के बोलने से सरकार और संगठन में तालमेल नहीं होने की बात नहीं की जा सकती है। निगम भंडारी का नाम संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत आने के बाद ही उन्हें किन्नौर से जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर इसमें कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे शिमला में रुक गए थे कि दोनों को समझाएं पर मंत्री परसों भी नहीं आए। कोशिश कर रहे हैं कि दोनों को समझाया जाए। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि नीरज भारती वाले मामले को कुलदीप राठौर वाली कमेटी में भेज दिया था। भारती के मामले में भी संज्ञान लिया जाएगा।
नेगी बोले- प्रभारी की ओर से कोई बुलावा नहीं आया
दूसरी ओर, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि वह सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र में थे। यह कार्यक्रम पहले से तय था। सरकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम था। उन्हें कांग्रेस के जनरल हाउस के आयोजन से दो-तीन दिन पहले ही सचिव का फोन आया था कि वह इसमें पहुंचें। सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में व्यस्तता के चलते इसमें पहुंचना संभव नहीं था। उन्हें प्रभारी की ओर से कोई सूचना नहीं मिली और न ही बुलाया गया।
सीएम चाहते हैं कि राहुल सितंबर में आकर करें बड़ी रैली
प्रदेश प्रभारी ने वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की रैली के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि राहुल गांधी एजेंडा खुद तैयार करते हैं। सीएम चाहते हैं कि सितंबर में राहुल आएं और एक बड़ी रैली को संबोधित करें।
