ओमान तट के पास जहाज पर हमले में डैक कैडेट आदित्य शर्मा की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ओमान तट के निकट एक जहाज पर हुए हमले में डैक कैडेट आदित्य शर्मा की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दर्दनाक घटना ने परिजनों को ऐसा गहरा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।
परिवार के सदस्यों और परिचितों के अनुसार, आदित्य के उज्ज्वल भविष्य से सभी को बड़ी उम्मीदें थीं। उनकी असमय मौत की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजन अब भी इस दुखद घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। आदित्य की मौत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि उन्हें जानने वाले सभी लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
“पापा, जुलाई में जरूर घर आऊंगा…” बेटे की मौत से टूट गया परिवार
“मई में छुट्टी नहीं मिली थी… कह रहा था पापा, जुलाई में जरूर घर आऊंगा। अब मेरा आदित्य कहां आएगा…” यह कहते-कहते आदित्य शर्मा के पिता राजेश कुमार शर्मा का गला भर आया। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार पूरा परिवार बेसब्री से कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी।
ओमान तट के निकट जहाज पर हुए हमले में डैक कैडेट आदित्य शर्मा की मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। माता-पिता का इकलौता बेटा अब हमेशा के लिए उनसे दूर चला गया। कुछ दिन पहले तक घर में उसके लौटने की तैयारियों और मुलाकात की बातों का जिक्र होता था, लेकिन अब वहां सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।
परिवार के लिए यह नुकसान असहनीय है। बेटे के सपनों, उसकी उपलब्धियों और घर लौटने के वादों की यादें अब परिजनों की आंखें नम कर रही हैं। आदित्य की असमय मौत ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
आदित्य को 25 नवंबर 2025 को पहली नौकरी मिली थी
राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद आदित्य को 25 नवंबर 2025 को पहली नौकरी मिली थी। ऑयल शिप पर नियुक्ति मिलने से वह बेहद खुश था। परिवार को भी बेटे के उज्ज्वल भविष्य से बड़ी उम्मीदें थीं। सात माह पहले घर से विदा हुआ आदित्य पहली बार छुट्टी लेकर घर लौटने वाला था। मई में उसका अवकाश तय था लेकिन परिस्थितियों के चलते छुट्टी नहीं मिल सकी। तब उसने परिवार को भरोसा दिया था कि जुलाई में जरूर घर आऊंगा।
आदित्य के पिता ने ये कहा
आदित्य के पिता बताते हैं कि रविवार को उनकी उससे फोन पर बात हुई थी। हमेशा की तरह उसने कहा, पापा मैं ठीक हूं। अब शायद जुलाई में छुट्टी मिलेगी। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह बातचीत आखिरी साबित होगी। बुधवार रात जब राजेश कुमार अपने जालंधर वाले घर में पहुंचे तो कुछ ही देर बाद उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली। यह खबर सुनते ही मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आदित्य की मां और दादी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पोते की मौत की खबर सुनकर वह बेसुध हो गईं।
