हिमाचल प्रदेश: एड्स नियंत्रण के लिए कार्यरत गैर सरकारी संस्थाएं और कर्मी
मुख्य बिंदु:
- संस्थाएं: स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, प्रदेश में एड्स नियंत्रण के लिए 18 गैर सरकारी संस्थाएं (NGOs) सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
- कर्मी: इन संस्थाओं के अंतर्गत कुल 414 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
- अनुबंध व्यवस्था: ये सभी कर्मचारी संबंधित संस्थाओं के अधीन साल-दर-साल (Year-to-year) के अनुबंध समझौतों के आधार पर कार्यरत हैं।
सार: स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एड्स नियंत्रण कार्यक्रमों को सुचारू रूप से चलाने के लिए गैर सरकारी संस्थाओं के सहयोग से ये कर्मचारी अनुबंध पर सेवाएं दे रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश: एड्स नियंत्रण कर्मचारियों के नियमितीकरण पर सरकार का स्पष्टीकरण
मुख्य बिंदु:
- नियमितीकरण पर स्थिति साफ: हिमाचल प्रदेश सरकार का एड्स नियंत्रण संस्थाओं के तहत कार्यरत 414 कर्मचारियों को नियमित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
- विधानसभा में खुलासा: शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया द्वारा पूछे गए एक लिखित सवाल के जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी दी।
- वर्तमान व्यवस्था: प्रदेश में एड्स नियंत्रण के लिए 18 गैर सरकारी संस्थाएं (NGOs) सक्रिय हैं, जिनके अधीन ये 414 कर्मचारी साल-दर-साल के अनुबंध समझौते पर सेवाएं दे रहे हैं। सरकार फिलहाल इस दिशा में किसी विचार या प्रस्ताव पर काम नहीं कर रही है।
सार: विधानसभा में दिए गए इस लिखित उत्तर से स्पष्ट हो गया है कि एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एनजीओ के माध्यम से काम कर रहे इन अनुबंध कर्मियों को फिलहाल नियमितीकरण का लाभ मिलने की कोई संभावना नहीं है।
हिमाचल प्रदेश: आशा वर्करों के नियमितीकरण और समायोजन पर सरकार का रुख स्पष्ट
मुख्य बिंदु:
- नियमितीकरण नीति नहीं: हिमाचल प्रदेश सरकार का आशा वर्करों के लिए भविष्य में कोई नियमितीकरण नीति बनाने का विचार नहीं है।
- रिक्त पदों पर समायोजन से इनकार: नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा द्वारा पूछे गए लिखित सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों पर मर्ज या समायोजित नहीं किया जाएगा।
- कार्यप्रणाली और मानदेय: आशा वर्कर प्रोत्साहन राशि आधारित कार्यकर्ता हैं, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मानदंडों के तहत काम करती हैं। इन्हें प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि के साथ राज्य सरकार की ओर से मानदेय दिया जाता है।
- अलग कैडर का अभाव: स्वास्थ्य विभाग में उनकी योग्यता के अनुसार ऐसा कोई अलग कैडर मौजूद नहीं है जिसके तहत उन्हें विभाग में स्थायी रूप से समायोजित किया जा सके।
