हिमाचल: 13 साल से ड्यूटी कर रहे 160 आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त, आज से काम पर आने की मनाही; रोजगार को लेकर बढ़ी चिंता

13 साल की सेवा के बाद सामने आया रोजगार का संकट

हिमाचल प्रदेश के श्रम एवं रोजगार विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे करीब 160 आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों के सामने अब रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। ये कर्मचारी पिछले करीब 13 वर्षों से विभाग के अलग-अलग कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इतने लंबे समय तक काम करने के बाद अब उनका मौजूदा सेवाकाल समाप्त हो गया है। सेवा समाप्त होने के बाद कर्मचारियों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें आगे काम जारी रखने को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

सेवाकाल समाप्त होने के बाद स्थिति स्पष्ट नहीं

कर्मचारियों के अनुसार, उनका मौजूदा सेवाकाल समाप्त हो चुका है और अब उन्हें काम पर आने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि विभागीय स्तर पर सेवा विस्तार से जुड़ी प्रक्रिया अभी लंबित है। इस कारण कर्मचारियों के बीच यह चिंता बनी हुई है कि उन्हें आगे विभाग में सेवाएं जारी रखने का अवसर मिलेगा या नहीं। करीब 13 वर्षों से लगातार विभाग में काम कर रहे इन कर्मचारियों के लिए अचानक भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा होना बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। कर्मचारी अब विभाग और सरकार की ओर से स्पष्ट निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

अलग-अलग कार्यालयों में दे रहे थे सेवाएं

ये आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर श्रम एवं रोजगार विभाग के अलग-अलग कार्यालयों में लंबे समय से काम कर रहे हैं। इनका काम विभागीय कार्यालयों में डाटा एंट्री और उससे जुड़े विभिन्न कार्यों में सहयोग करना बताया गया है। करीब 13 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद कर्मचारियों को अब अपने रोजगार को लेकर स्थिति साफ होने का इंतजार है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने इतने वर्षों तक विभाग की जिम्मेदारियों को निभाया है और अब सेवा समाप्त होने के बाद उनके सामने आगे की दिशा को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

लिखित आदेश नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

कर्मचारियों की प्रमुख चिंता यह भी है कि उन्हें काम जारी रखने या सेवा समाप्त होने के संबंध में अभी तक स्पष्ट लिखित आदेश नहीं मिला है। मौखिक या विभागीय स्तर पर चल रही प्रक्रिया के बीच कर्मचारी असमंजस में हैं कि उन्हें आगे कार्यालय आना है या नहीं। स्पष्ट आदेश नहीं होने के कारण उनके लिए रोजगार की स्थिति को समझना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सेवा विस्तार या आगे की व्यवस्था को लेकर आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आता, तब तक उनके लिए भविष्य की योजना बनाना भी मुश्किल है।

सेवा विस्तार की प्रक्रिया बताई जा रही है लंबित

विभागीय स्तर पर कर्मचारियों के सेवा विस्तार से संबंधित प्रक्रिया लंबित होने की बात सामने आ रही है। इसी कारण करीब 160 कर्मचारियों का भविष्य फिलहाल निर्णय का इंतजार कर रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि इस मामले में जल्द स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनकी सेवाएं आगे जारी रहेंगी या नहीं। लंबे समय से विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए सेवा विस्तार का निर्णय उनके रोजगार और आय से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे में कर्मचारी सरकार और संबंधित विभाग से जल्द हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं।

सरकार से हस्तक्षेप और स्पष्ट निर्णय की उम्मीद

करीब 13 वर्षों तक सेवा देने के बाद अब नौकरी को लेकर बनी अनिश्चितता ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक विभाग के अलग-अलग कार्यालयों में जिम्मेदारी के साथ काम किया है और अब उन्हें आगे की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। फिलहाल कर्मचारी सरकार की ओर से हस्तक्षेप और विभागीय स्तर पर स्पष्ट निर्णय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सेवा विस्तार को लेकर फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन कर्मचारियों की सेवाएं आगे जारी रहेंगी या उन्हें विभाग से अलग होना पड़ेगा।



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