चम्बा समाचार: एसडीआरएफ ने दो अस्वस्थ श्रद्धालुओं को सुरक्षित हड़सर पहुंचाया

चंबा: मणिमहेश यात्रा के दौरान अस्वस्थ श्रद्धालु का SDRF ने किया सफल रेस्क्यू

समाचार विवरण

  • घटना स्थल: तोष का गोठ, मणिमहेश यात्रा मार्ग (भरमौर, चंबा)
  • प्रभावित श्रद्धालु: सूरज चौरसिया (अस्वस्थ)
  • बचाव दल: एसडीआरएफ (SDRF) टीम
  • सुरक्षित स्थान: हड़सर मेडिकल कैंप

मुख्य बिंदु: मणिमहेश यात्रा के दौरान तोष का गोठ में अचानक अस्वस्थ हुए श्रद्धालु सूरज चौरसिया को एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए सुरक्षित रेस्क्यू किया। टीम ने उन्हें प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता के लिए हड़सर स्थित मेडिकल कैंप पहुँचाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

चंबा: मणिमहेश यात्रा में SDRF का सफल रेस्क्यू, रात 9:15 बजे अस्वस्थ श्रद्धालु पहुँचाया गया मेडिकल कैंप

मुख्य अपडेट

  • अधिकारियों की पुष्टि: एडीएम विकास शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर मिली सूचना के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया था।
  • रेस्क्यू ऑपरेशन: एसडीआरएफ हड़सर टीम ने कड़े प्रयासों के बाद रात करीब 9:15 बजे श्रद्धालु को सुरक्षित मेडिकल कैंप तक पहुँचाया।
  • स्वास्थ्य स्थिति: मेडिकल कैंप में डॉक्टरों द्वारा की गई जाँच के बाद श्रद्धालु की हालत स्थिर पाई गई है।

राहत भरी खबर: कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और रात के समय चले इस अभियान में एसडीआरएफ टीम की तत्परता से श्रद्धालु की जान समय पर बचा ली गई। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।

चंबा: मणिमहेश यात्रा में SDRF की बड़ी कामयाबी, दो अस्वस्थ श्रद्धालुओं का सफल रेस्क्यू

समाचार सारांश

  • दूसरा सफल रेस्क्यू: वापसी के दौरान एसडीआरएफ टीम को सड़क किनारे मृदुला मेहता नाम की महिला श्रद्धालु मिलीं, जो चलने में असमर्थ थीं।
  • त्वरित सहायता: टीम ने तुरंत सहायता प्रदान करते हुए उन्हें सुरक्षित हड़सर पहुँचाया और मेडिकल कैंप में उनका उपचार करवाया।
  • अधिकारियों का बयान: एडीएम विकास शर्मा ने बताया कि पहली घटना में रात करीब 9:15 बजे श्रद्धालु सूरज चौरसिया को तोष का गोठ से सुरक्षित मेडिकल कैंप पहुँचाया गया था, जहाँ उनकी हालत स्थिर पाई गई।
  • सराहनीय कार्य: एसडीआरएफ की तत्परता और सूझबूझ से दोनों श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सीय सहायता मिल सकी, जिससे एक बड़ा संकट टल गया।

विशेष उपलब्धि: मणिमहेश यात्रा के दौरान दुर्गम रास्तों पर तैनात एसडीआरएफ की टीम ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए एक ही दिन में दो जरूरतमंद श्रद्धालुओं की जान बचाकर सराहनीय मिसाल पेश की है।

इस विषय से संबंधित:

Toggle Dark Mode