हिमाचल में भारी बर्फबारी: माइनस में पहुंचा तापमान, सैलानियों के उमड़े सैलाब के बीच मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में समय से पहले ही कड़ाके की ठंड की दस्तक हो चुकी है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और मनाली के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान शून्य से नीचे (माइनस में) चला गया है। बर्फबारी की खबर मिलते ही मनालीके मॉल रोड और सोलंग वैली में सैलानियों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। हालांकि, अचानक हुई इस बर्फबारी के कारण लाहौल के गोंधला जैसे इलाकों में कई पर्यटक वाहन फंस गए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए और बर्फबारी की चेतावनी (Alert) जारी की है और यात्रियों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है।

मौसम और तापमान की ताजा स्थिति

  • माइनस में तापमान: जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति का मुख्यालय केलांग सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -2.2°C दर्ज किया गया है। इसके अलावा कुकूमसेरी में भी पारा माइनस (-0.5°C) में पहुंच गया है।
  • इन क्षेत्रों में हुई बर्फबारी: रोहतांग दर्रा, अटल टनल के आसपास, बारालाचा, शिंकुला पास, हाटू पीक और किन्नौर व चंबा की ऊंची चोटियों पर सीजन का पहला और ताजा हिमपात हुआ है। इसके चलते समूचे राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
  • सैलानियों की भारी भीड़: पहाड़ों पर बर्फबारी की खबर मिलते ही वीकेंड पर मनाली, शिमला, डलहौजी और कुफरी जैसे हिल स्टेशनों पर सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा है, जिससे स्थानीय होटलों की ऑक्युपेसी 55 से 70 फीसदी तक पहुंच गई है।

मौसम विभाग (IMD) का अगला अलर्ट और पूर्वानुमान

  • 26 से 29 अक्टूबर: मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहेगा और धूप खिलेगी। इससे दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक का मामूली उछाल देखने को मिल सकता है।
  • 30 और 31 अक्टूबर को फिर अलर्ट: मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 30 और 31 अक्टूबर को एक बार फिर मौसम करवट लेगा। इसके प्रभाव से चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर फिर से बर्फबारी और मैदानी व निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड और अधिक बढ़ जाएगी।

सैलानियों और यात्रियों के लिए जरूरी हिदायत


लाहौल-स्पीति और कुल्लू प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अत्यधिक ऊंचाई वाले दर्रों और बर्फीले रास्तों पर जाते समय सावधानी बरतें। सुबह और शाम के वक्त सड़कों पर पाला (ब्लैक आइस) जमने के कारण गाड़ियां फिसलने का खतरा रहता है, इसलिए केवल स्थानीय प्रशासन द्वारा अधिकृत रूटों पर ही यात्रा करें।

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