11 अक्तूबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र
हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्तूबर से होगा। रविवार को विधिवत घटस्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्र पर्व की शुरुआत होगी। इस दौरान प्रदेशभर के मंदिरों में मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में अभी से उत्साह देखने को मिल रहा है और प्रमुख शक्तिपीठों व देवी मंदिरों में तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। हिंदू धार्मिक परंपरा में देवी के आगमन के वाहन का विशेष महत्व माना जाता है। हाथी पर माता के आगमन को सुख-समृद्धि, शांति और अच्छी वर्षा का शुभ संकेत माना जाता है। श्रद्धालु इस मान्यता को लेकर विशेष रूप से उत्साहित हैं और नवरात्र के दौरान देवी की आराधना कर परिवार और प्रदेश की सुख-शांति की कामना करेंगे।
घटस्थापना के लिए सुबह रहेगा शुभ मुहूर्त
शिमला के गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी के अनुसार नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7:50 बजे से 10:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान के साथ कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा कर सकेंगे। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना को विशेष महत्व दिया जाता है और इसी के साथ देवी आराधना के नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत मानी जाती है।
अभिजीत मुहूर्त में भी कर सकेंगे पूजा
घटस्थापना के लिए दिन में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अभिजीत मुहूर्त को शुभ कार्यों के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में जो श्रद्धालु सुबह के निर्धारित समय में घटस्थापना नहीं कर पाते हैं, वे अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा-अर्चना और कलश स्थापना कर सकते हैं। मंदिरों में इस दौरान विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है।
19 अक्तूबर को अष्टमी-नवमी का महासंयोग
इस बार नवरात्र पर्व के दौरान 19 अक्तूबर को अष्टमी और नवमी का विशेष संयोग बनेगा। एक ही दिन अष्टमी और नवमी तिथि पड़ने के कारण इस दिन देवी उपासना का विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु इस अवसर पर कन्या पूजन, हवन और विशेष पूजा-अर्चना जैसे धार्मिक अनुष्ठान कर सकते हैं। प्रदेश के विभिन्न देवी मंदिरों में इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
20 अक्तूबर को मनाई जाएगी विजयादशमी
नवरात्र के समापन के बाद 20 अक्तूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नवरात्र से लेकर विजयादशमी तक मंदिरों और धार्मिक स्थलों में भक्तिमय वातावरण बना रहेगा और श्रद्धालु मां दुर्गा का आशीर्वाद लेकर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
