पैतृक गांव पहुंचा लक्ष्मण सिंह का पार्थिव शरीर
नालागढ़ के लूणा गांव निवासी सीआईएसएफ के सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह का पार्थिव शरीर वीरवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा। कठुआ में साथी जवान की गोलीबारी में उनकी मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित हुए। परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने नम आंखों से लक्ष्मण सिंह को अंतिम विदाई दी। उनके निधन से गांव में गहरा दुख देखने को मिला और हर कोई उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता नजर आया।
सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
लक्ष्मण सिंह का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सुबह करीब 9:30 बजे उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। सीआईएसएफ और पुलिस की टुकड़ियां भी इस दौरान मौजूद रहीं। जवानों ने पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ अपने साथी को अंतिम विदाई दी। सैन्य और पुलिस की मौजूदगी में हुए अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए और दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
10 वर्षीय बेटे श्रेय ठाकुर ने दी मुखाग्नि
लक्ष्मण सिंह के अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया, जब उनके 10 वर्षीय बेटे श्रेय ठाकुर ने उन्हें मुखाग्नि दी। इतनी कम उम्र में पिता को अंतिम विदाई देने की जिम्मेदारी निभाते हुए श्रेय के लिए यह बेहद कठिन और भावनात्मक पल रहा। परिवार और वहां मौजूद लोगों की आंखें इस दौरान नम हो गईं। बेटे द्वारा दी गई अंतिम विदाई ने पूरे माहौल को और अधिक गमगीन कर दिया। लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
सीआईएसएफ और पुलिस ने दी अंतिम सलामी
अंतिम संस्कार के दौरान सीआईएसएफ और पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर लक्ष्मण सिंह को अंतिम सलामी दी। सैन्य सम्मान के साथ दी गई इस विदाई में जवानों ने अपने साथी के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और गंभीरता का माहौल बना रहा। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उपस्थित लोगों ने भी दिवंगत सब इंस्पेक्टर को श्रद्धांजलि दी। लक्ष्मण सिंह के सहकर्मियों और पुलिस बल की मौजूदगी ने यह भी दिखाया कि उनके निधन से सुरक्षा बल के साथियों में भी गहरा शोक है।
अंतिम यात्रा में उमड़ा लोगों का हुजूम
लक्ष्मण सिंह की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। गांव के लोगों के साथ-साथ उनके परिचित, रिश्तेदार और अन्य लोग भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। हर कोई दिवंगत जवान के परिवार के दुख में शामिल नजर आया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि लक्ष्मण सिंह के निधन से स्थानीय स्तर पर भी लोगों में गहरा दुख है।
परिवार और गांव में गम का माहौल
लक्ष्मण सिंह के निधन के बाद उनके परिवार के साथ-साथ पूरे लूणा गांव में शोक की लहर है। एक जवान के रूप में देश की सुरक्षा से जुड़े रहने वाले लक्ष्मण सिंह को उनके परिवार, साथियों और ग्रामीणों ने सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। उनके 10 वर्षीय बेटे द्वारा दी गई मुखाग्नि का दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार के बाद लक्ष्मण सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। अंतिम विदाई के दौरान मौजूद लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
