रसोई के जरूरी सामान के दाम बढ़े
हमीरपुर जिले में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है। घर में हर दिन इस्तेमाल होने वाली चीजों जैसे प्याज, चीनी, दाल, खाद्य तेल और ड्राई फ्रूट के दाम बढ़ने से परिवारों के मासिक खर्च में इजाफा हुआ है। पहले जहां सीमित बजट में परिवार महीने भर की जरूरत का सामान आसानी से खरीद लेते थे, वहीं अब समान मात्रा में सामान खरीदने के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम और सीमित आय वाले परिवारों पर दिखाई दे रहा है।
प्याज के दाम में अचानक बढ़ोतरी
हमीरपुर में प्याज की कीमत में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ समय पहले तक प्याज करीब 40 रुपये प्रति किलो के भाव में मिल रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर लगभग 60 रुपये प्रति किलो हो गई है। प्याज रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सब्जियों में शामिल है, इसलिए इसके दाम बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ प्याज के महंगे होने से रोजमर्रा की खरीदारी पहले की तुलना में काफी महंगी हो गई है।
चीनी के बढ़े दाम ने बढ़ाई परेशानी
चीनी की कीमत में भी करीब 15 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। चाय, मिठाई और कई घरेलू खाद्य पदार्थों में चीनी का इस्तेमाल होने के कारण इसके दाम बढ़ने का असर बड़ी संख्या में परिवारों पर पड़ता है। लोगों का कहना है कि एक-दो रुपये की छोटी बढ़ोतरी भी जब कई जरूरी सामानों पर एक साथ होती है तो महीने के अंत तक इसका बड़ा असर दिखाई देता है। चीनी के बढ़े दाम से घरेलू खर्च का संतुलन बनाए रखना परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
दाल और खाद्य तेल भी हुए महंगे
दालों और खाद्य तेल की कीमतों में भी करीब 10 रुपये तक की वृद्धि बताई गई है। दाल और तेल भारतीय घरों में रोजाना के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, ऐसे में इनकी कीमत बढ़ने से खाने-पीने का कुल खर्च बढ़ गया है। कई परिवार अब खरीदारी करते समय मात्रा और ब्रांड दोनों को लेकर अधिक सावधानी बरत रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि जरूरी सामान की कीमतें लगातार बढ़ने से महीने का बजट बनाना मुश्किल हो रहा है और कई बार अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ती है।
ड्राई फ्रूट के दाम में भी बड़ा इजाफा
बाजार में ड्राई फ्रूट की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि कुछ ड्राई फ्रूट 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक महंगे हुए हैं। हालांकि ड्राई फ्रूट हर परिवार की रोजाना की जरूरत नहीं हैं, लेकिन त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर इनकी मांग बढ़ जाती है। कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी से ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। दुकानदारों के अनुसार कीमतों में बदलाव का असर खरीदारी के पैटर्न पर भी दिखाई दे रहा है।
ग्राहकों और दुकानदारों पर महंगाई का असर
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में एक साथ बढ़ोतरी से ग्राहक और दुकानदार दोनों प्रभावित हैं। ग्राहकों का कहना है कि महंगाई के कारण हर महीने घरेलू खर्च में अतिरिक्त राशि जुड़ रही है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि थोक बाजार से सामान महंगा मिलने पर खुदरा कीमतों में भी बदलाव करना पड़ता है। आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में घरेलू बजट पर दबाव और बढ़ सकता है। लोगों ने खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण और बाजार में स्थिरता की उम्मीद जताई है।
