वंदे मातरम् के गायन को लेकर सियासी टकराव
जयराम ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम् देश की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है। उनके अनुसार, इसके गायन को लेकर किसी प्रकार की कटौती या बदलाव का फैसला राजनीतिक आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों से पारित कानून और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद बने कानून का सम्मान करना सरकार और विधानसभा की जिम्मेदारी है।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विषयों पर अब राजनीतिक सुविधा के आधार पर निर्णय नहीं लिए जा सकते। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से कहा कि हिमाचल की जनता और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े राष्ट्रीय प्रतीकों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशों को प्राथमिकता देने के बजाय राज्य सरकार को संविधान और देश के कानूनों का पालन करना चाहिए। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि देश संविधान से चलेगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से नहीं।
संसद से पारित कानून का दिया हवाला
जयराम ठाकुर ने अपने बयान में संसद से पारित कानून का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के गायन और उससे जुड़े प्रावधानों को लेकर संसद के दोनों सदनों से कानून पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद वह कानून बन चुका है।
उन्होंने कहा कि जब कोई कानून संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संसद से पारित हो जाता है तो उसके अनुपालन को लेकर सरकारों और संवैधानिक संस्थाओं की अपनी जिम्मेदारी होती है। उनके अनुसार, किसी राजनीतिक संगठन की बैठक में लिया गया फैसला संसद से पारित कानून का विकल्प नहीं हो सकता।
जयराम ठाकुर ने हिमाचल विधानसभा के अध्यक्ष से भी कानून का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन की गरिमा और नियमों का पालन होना चाहिए। यदि सदन में संसद द्वारा पारित कानून के अनुसार वंदे मातरम् का गायन नहीं किया जाता है, तो भाजपा इसका विरोध करेगी।
सुक्खू पर साधा निशाना, बोले- गांधी परिवार का पिछलग्गू न बनें
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशों से ऊपर उठकर संविधान और राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को राजनीतिक दबाव के बजाय राष्ट्रीय प्रतीकों और संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने वंदे मातरम् के दो छंदों के गायन से जुड़े बयान को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान से जोड़ते हुए इसे निंदनीय बताया।
भाजपा नेता ने
विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा की अपनी गरिमा और परंपराएं हैं, जिनका सरकार और विधानसभा अध्यक्ष दोनों को सम्मान करना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि भाजपा इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर भी उठाएगी। उन्होंने कहा कि यदि वंदे मातरम् के गायन में संसद से पारित कानून के अनुरूप प्रक्रिया नहीं अपनाई गई तो भाजपा इसका विरोध करेगी।
जयराम बोले- सदन नियमों से चलेगा, राजनीतिक फरमान से नहीं
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल विधानसभा को अपने नियमों और संविधान के अनुसार चलना चाहिए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अध्यक्ष स्वयं को विधि विशेषज्ञ बताते हैं, इसलिए उन्हें कानून का सम्मान करते हुए वंदे मातरम् के गायन में किसी प्रकार की काट-छांट से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है। राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विधानसभा की कार्यवाही संवैधानिक नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत होनी चाहिए।
