विश्व जनसंख्या दिवस पर शाहपुर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन अपनाने का दिया संदेश

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सिविल अस्पताल शाहपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड चिकित्सा अधिकारी शाहपुर डॉ. कविता ठाकुर ने की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लोगों को जनसंख्या वृद्धि के दुष्प्रभावों और परिवार नियोजन के महत्व के बारे में जागरूक किया।

बढ़ती जनसंख्या देश के विकास के लिए बड़ी चुनौती : वरिंदर बलौरिया

कार्यक्रम में खंड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वरिंदर बलौरिया ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या किसी भी देश के विकास में बड़ी चुनौती है। इसके कारण गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता दबाव, पर्यावरणीय समस्याएं तथा संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां सामने आती हैं। उन्होंने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न समस्याओं और उनके समाधान के प्रति जागरूक करना है।

छोटे परिवार की अवधारणा अपनाकर जनसंख्या नियंत्रण में दें सहयोग

उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व की जनसंख्या लगभग 806 करोड़ तथा भारत की जनसंख्या 146 करोड़ के करीब है। भारत जनसंख्या के मामले में विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने लोगों से छोटे परिवार की अवधारणा अपनाने और परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों का उपयोग करने का आह्वान किया।

परिवार नियोजन के निःशुल्क साधनों एवं सेवाओं की दी जानकारी

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित विभिन्न स्थायी एवं अस्थायी साधनों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क परिवार नियोजन सेवाओं के बारे में भी अवगत कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से इन सुविधाओं का लाभ उठाने तथा स्वस्थ और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम के समापन पर परिवार नियोजन अपनाने की अपील

कार्यक्रम के दौरान परिवार नियोजन से संबंधित विभिन्न साधनों तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की जानकारी भी दी गई। साथ ही लोगों से परिवार नियोजन अपनाने और समाज में इसके प्रति अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने की अपील की गई।

आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की रही सहभागिता

इस कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं और सभी ने जनसंख्या नियंत्रण एवं परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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