हिमाचल: हत्या मामले में एक दोषी जमानत पर रिहा, दूसरे की याचिका खारिज, जानें पूरा मामला

हाईकोर्ट का फैसला: एक दोषी को जमानत, दूसरे की याचिका खारिज

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दो दोषियों की सजा निलंबन (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अलग-अलग आदेश जारी किए हैं।

न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान अमरिंदर सिंह नाकरा की सजा निलंबन याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

वहीं, दूसरे दोषी विशाल बंसल की सजा निलंबन याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद विशाल बंसल को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।

2016 हत्या-डकैती मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, एक दोषी को जमानत, दूसरे को नहीं मिली राहत

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 के चर्चित हत्या और डकैती मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने दो दोषियों की सजा निलंबन (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अमरिंदर सिंह नाकरा को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया, जबकि विशाल बंसल की याचिका खारिज कर दी।

अदालत ने अमरिंदर सिंह नाकरा की सजा निलंबित करते हुए कहा कि इस मामले में उसकी भूमिका सह-आरोपी युवराज सिंह के समान थी। सुप्रीम कोर्ट फरवरी 2026 में युवराज सिंह की सजा पहले ही निलंबित कर उसे जमानत दे चुका है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने समानता के सिद्धांत को लागू करते हुए अमरिंदर सिंह को भी राहत प्रदान की।

अमरिंदर सिंह पिछले 10 वर्ष 10 महीने से जेल में बंद है। हाईकोर्ट ने उसे एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक स्थानीय जमानतदार के आधार पर जमानत देने का आदेश दिया। यह सजा निलंबन उसकी अपील के अंतिम निर्णय तक प्रभावी रहेगा।

यह मामला जिला ऊना के गगरेट थाना में 26 मार्च 2016 को दर्ज हत्या और डकैती की एफआईआर से संबंधित है। वहीं, दूसरे दोषी विशाल बंसल की सजा निलंबन याचिका अदालत ने खारिज कर दी, जिससे उसे फिलहाल कोई राहत नहीं मिली।

विशाल बंसल की याचिका खारिज

इसी  मामले के एक अन्य दोषी विशाल बंसल ने भी खुद को युवराज सिंह के समान बताते हुए जमानत मांगी थी। राज्य सरकार ने अदालत के सामने विशाल बंसल का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। कोर्ट ने कहा कि विशाल की भूमिका अन्य दोषियों जैसी थी, पर उसका हालिया आचरण उसे दूसरों से अलग करता है। अदालत को बताया गया कि अक्तूबर 2021 में बंसल को पैरोल मिली थी।पैरोल अवधि खत्म होने के बाद वह मॉडल सेंट्रल जेल नाहन वापस नहीं लौटा और नेपाल भाग गया। बंसल करीब 1 साल, 11 महीने और 1 दिन तक फरार रहा, जिसे दिसंबर 2023 में नेपाल से गिरफ्तार किया गया। खंडपीठ ने बंसल की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसका आचरण आश्वासन नहीं देता। उसे जमानत पर रिहा करने पर वह कार्रवाई का सामना करने के लिए उपलब्ध रहेगा, इसकी गारंटी नहीं।

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