Una News: अध्यापकों की सेवानिवृत्ति और ट्रांसफर से सूने पड़े कई स्कूल

ऊना में शिक्षकों की कमी से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित, कई कक्षाएं शिक्षक विहीन

ऊना। जिले में अध्यापकों की सेवानिवृत्ति और लगातार हो रहे तबादलों के कारण कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी गंभीर रूप लेती जा रही है। स्थिति यह हो गई है कि कुछ विद्यालयों में एक या उससे अधिक कक्षाएं पूरी तरह से शिक्षक विहीन हो चुकी हैं, जिससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी इसको लेकर चिंता का माहौल है, क्योंकि शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

शिक्षा विभाग सख्त, सभी स्कूलों को समन्वय से पढ़ाई सुचारू रखने के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को आपसी समन्वय और सहयोग के माध्यम से व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए और हर कक्षा में शिक्षक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्कूल स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है, ताकि अस्थायी रूप से ही सही, शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।

खाली पदों पर डेपुटेशन से होगी तैनाती, समय सारिणी में बदलाव कर संतुलित होगा कार्यभार

निर्देशों के तहत जिन विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हो गए हैं, वहां नजदीकी स्कूलों से योग्य अध्यापकों को डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) के आधार पर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षकों के कार्यभार का संतुलन बनाए रखने के लिए समय सारिणी में भी आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि किसी भी कक्षा की पढ़ाई प्रभावित न हो।

शिक्षा विभाग ने स्थायी समाधान के लिए भर्ती और तबादला संतुलन पर दिए संकेत

शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले पर आगे की रणनीति को लेकर भी संकेत दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने या तबादलों के संतुलन को दोबारा व्यवस्थित करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। विभाग का मानना है कि केवल अस्थायी व्यवस्था से लंबे समय तक समस्या का समाधान संभव नहीं है, इसलिए रिक्त पदों को स्थायी रूप से भरना आवश्यक है।

अस्थायी व्यवस्था जारी, डेपुटेशन और समन्वय से स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रखने के प्रयास

फिलहाल जो व्यवस्था लागू की गई है, वह पूरी तरह अस्थायी है और तब तक जारी रहेगी जब तक सभी खाली पदों को नियमित रूप से नहीं भर दिया जाता। इस अवधि में डेपुटेशन और आपसी समन्वय के माध्यम से स्कूलों में शिक्षण कार्य को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

शिक्षा विभाग का लक्ष्य: बिना बाधा जारी रहे पढ़ाई, जल्द बहाल होगा शैक्षणिक माहौल

विभाग ने दोहराया है कि उसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है। किसी भी स्कूल में शिक्षण कार्य बाधित न हो और छात्रों के भविष्य पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा ताकि स्कूलों में सामान्य शैक्षणिक माहौल जल्द से जल्द बहाल हो सके।















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