Shimla: जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में जमकर हंगामा, भाजपा ने किया डीसी का घेराव, जानें पूरा मामला

जिला परिषद शपथ ग्रहण समारोह में विवाद से गरमाया माहौल

शिमला में जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया। समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई। घटना के चलते कुछ समय के लिए शपथ ग्रहण की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

हंगामे के बीच भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि समारोह के दौरान कुछ महत्वपूर्ण नियमों और परंपराओं की अनदेखी की गई, जिससे निर्वाचित प्रतिनिधियों की भावनाओं को ठेस पहुंची। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रशासन को सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए था और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में अधिक पारदर्शिता बरतनी चाहिए थी।

डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, अधिकारियों से हुई तीखी बहस

विवाद बढ़ने के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (डीसी) का घेराव कर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और अधिकारियों से जवाब मांगा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ समय तक चली इस बहस के कारण प्रशासनिक परिसर में भी हलचल बनी रही।

प्रशासन ने आरोपों पर दी सफाई, स्थिति को बताया नियंत्रण में

दूसरी ओर जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि शपथ ग्रहण समारोह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आयोजित किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि कुछ गलतफहमियों के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए थे और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज, आगे भी जारी रह सकता है विवाद

शपथ ग्रहण समारोह में हुए इस हंगामे के बाद जिले की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिससे मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन जारी रह सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन और राजनीतिक दलों के अगले कदम पर टिकी हुई है।






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