बचपन से पढ़ाई में रही अव्वल
कांगड़ा जिले के नकोदर गांव की प्रतिभाशाली छात्रा मेघना डोगरा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मेघना ने प्रतिष्ठित ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में फिजिक्स (मैटेरियल साइंस) विषय में पीएचडी करने की पात्रता प्राप्त की है। उनकी इस सफलता से परिवार, शिक्षकों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
12वीं में प्रदेशभर में हासिल किया था नौवां स्थान
मेघना शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं। उन्होंने 12वीं कक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर हिमाचल प्रदेश मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के लिए लगातार मेहनत जारी रखी और हर चरण में बेहतर प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय और एनआईटी कुरुक्षेत्र से पूरी की उच्च शिक्षा
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मेघना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) कुरुक्षेत्र से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की। पढ़ाई के दौरान उन्होंने शोध कार्यों में भी विशेष रुचि दिखाई और विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर लगातार काम किया। इसी समर्पण का परिणाम है कि उन्होंने GATE जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
IIT कानपुर में करेंगी मैटेरियल साइंस पर शोध
GATE परीक्षा में सफलता मिलने के बाद अब मेघना आईआईटी कानपुर के प्रतिष्ठित पीएचडी कार्यक्रम में फिजिक्स (मैटेरियल साइंस) विषय पर शोध करेंगी। आईआईटी कानपुर देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है, जहां शोध के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। मेघना आधुनिक मैटेरियल साइंस से जुड़े विषयों पर अनुसंधान कर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अपना योगदान देंगी।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
मेघना डोगरा की सफलता हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से यह मुकाम हासिल किया। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि सही दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं तो बड़े से बड़ा सपना भी साकार किया जा सकता है। परिवार और शिक्षकों ने उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
