चुनाव प्रचार में गंदगी फैलाने पर 500 रुपये जुर्माना
चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अब ऐसे लोगों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, ताकि स्वच्छता बनाए रखी जा सके और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखा जा सके।
पंचायत चुनाव: गंदगी फैलाने पर 500 रुपये जुर्माना, प्रशासन सख्त
आगामी पंचायत चुनावों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर अब 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
यह निर्णय उन मामलों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां प्रत्याशी और उनके समर्थक जगह-जगह पोस्टर, बैनर और पंफ्लेट लगाकर तथा इधर-उधर फेंककर क्षेत्र में गंदगी और अव्यवस्था फैलाते हैं। चुनाव चिह्न आवंटित होने के बाद चुनाव आयोग इस पर विशेष नजर रखेगा।
जारी निर्देशों के अनुसार पंचायत सचिवों को इस संबंध में जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे पंचायत स्तर पर निगरानी करेंगे कि कोई भी प्रत्याशी या उसका समर्थक नियमों का उल्लंघन न करे।
यदि कहीं भी अनधिकृत तरीके से पोस्टर लगाए गए या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित स्थानों और नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
पंचायत चुनाव को लेकर आज नियम और शर्तों को दिया जाएगा अंतिम रूप
प्रदेश में प्रस्तावित पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इसमें चुनाव को लेकर गाइडलाइन, नियम और शर्तों पर चर्चा होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की वर्चुअल बैठक बुलाई है। इसमें चुनावों के लिए आवश्यक नियम और शर्तों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में कानून-व्यवस्था, चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। हिमाचल में 31 मई से पहले पंचायत चुनाव संपन्न होने हैं। इसके मद्देनजर बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
बैठक में इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
बैठक में यह आकलन किया जाएगा कि जिला प्रशासन चुनाव कराने के लिए किस हद तक तैयार है और किन क्षेत्रों में अभी और सुधार या तैयारी की आवश्यकता है। बैठक के दौरान मतदान केंद्रों की स्थिति, सुरक्षा प्रबंध, संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, कर्मचारियों की तैनाती और मतदाता सूचियों की स्थिति पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा चुनाव आचार संहिता के पालन और निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के उपायों पर भी जोर दिया जाएगा।
सभी जिलों को पहले ही निर्देश जारी
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सभी जिलों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि वे आरक्षण रोस्टर, मतदाता सूची पुनरीक्षण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। इस बैठक में इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। पुलिस विभाग से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत योजना मांगी जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। कुल मिलाकर, आज की बैठक के बाद पंचायत चुनावों की रूपरेखा और स्पष्ट हो जाएगी और चुनाव प्रक्रिया को समय पर संपन्न कराने की दिशा में प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप मिल जाएगा।
