चंबा: बदहाली की शिकार हुई ‘राइड विद प्राइड’ बस सेवा; आधी गाड़ियां खराब होने से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
- सेवा पर संकट: शहरवासियों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘राइड विद प्राइड’ योजना खुद बदहाली के दौर से गुजर रही है।
- आधी गाड़ियां बंद: इस सेवा के तहत चलाई जा रही चार वैनों में से दो खराब हो चुकी हैं, जिसके चलते वर्तमान में केवल दो वैन ही रूट पर चल रही हैं।
- टैक्सी चालकों की मनमानी: परिवहन सेवा बाधित होने का फायदा उठाकर टैक्सी चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
“सस्ती और सुगम यात्रा का वादा करने वाली ‘राइड विद प्राइड’ सेवा आज खुद खस्ताहाली में है, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।”
यात्रियों की समस्याएं और मनमाना किराया
- महंगा सफर: भरमौर चौक से बाजार जैसे छोटे रूटों पर जहाँ ‘राइड विद प्राइड’ का निर्धारित किराया मात्र 10 रुपये था, वहीं अब मजबूरन टैक्सी का सहारा लेने पर चालकों द्वारा 10 से 20 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
- कमज़ोर व्यवस्था: चार में से दो ही वैन के चलने के कारण गाड़ियों में भारी भीड़ रहती है और समय पर परिवहन सुविधा न मिलने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
- शहरवासियों की मांग: स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़ी वैनों को जल्द ठीक करवाया जाए ताकि उन्हें इस आर्थिक और शारीरिक परेशानी से राहत मिल सके।
चंबा: बदहाल हुई ‘राइड विद प्राइड’ सेवा; आधी गाड़ियां खराब होने से जेब ढीली करने को मजबूर शहरवासी
- आधी वैनें बंद: शहरवासियों को सस्ती परिवहन सुविधा देने के लिए शुरू की गई चार में से दो वैनें खराब पड़ी हैं, जिससे केवल दो गाड़ियां ही रूट पर चल रही हैं।
- मनमाना किराया: परिवहन सुविधा के चरमराने से मजबूरी का फायदा उठाकर टैक्सी चालक भरमौर चौक से बाजार जैसे 10 रुपये वाले रूट पर 10 से 20 रुपये तक वसूल रहे हैं।
- दैनिक यात्रियों की परेशानी: बाजार रोजाना आने-जाने वाले लोगों को समय पर गाड़ी न मिलने से भारी असुविधा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है।
“सस्ती यात्रा का सपना दिखाने वाली ‘राइड विद प्राइड’ योजना आज खुद हांफ रही है, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।”
शहरवासियों का दर्द और चिंताएँ
- प्रमुख नागरिकों की आवाज: शहरवासी अमन कुमार, हितेश शर्मा, किरण कुमारी, रंजना देवी और सुमित्रा देवी ने बताया कि यदि विभाग द्वारा सभी वैनों को नियमित रूप से चलाया जाए, तो आम जनता को बेहद कम किराये में आवागमन की बेहतरीन सुविधा मिल सकती है।
- दैनिक आवाजाही प्रभावित: वैनों के खराब होने और उनकी संख्या घटने से खासकर नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं और रोजाना बाजार आने-जाने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- अतिरिक्त आर्थिक बोझ: उचित सार्वजनिक परिवहन न मिलने के कारण लोगों को महंगे विकल्पों जैसे टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका मासिक बजट बिगड़ रहा है।
चंबा: ‘राइड विद प्राइड’ सेवा के बेपटरी होने से बढ़ी मुश्किलें; टैक्सियों पर निर्भर हुए यात्री, वसूल रहे मनमाना किराया
- आधी वैनें बंद: शहरवासियों के लिए शुरू की गई चार में से दो वैनों के खराब होने से फिलहाल केवल दो गाड़ियां ही रूट पर चल रही हैं।
- सीमित परिवहन सुविधा: भरमौर चौक से बाजार तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित होने के कारण यात्रियों को मजबूरन टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
- मनमाना किराया: कम दूरी का सफर होने के बावजूद यात्रियों से निर्धारित किराये से अधिक राशि (10 से 20 रुपये तक) वसूली जा रही है।
“सस्ती और सुगम यात्रा का वादा करने वाली यह योजना आज खुद बदहाली का शिकार है, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।”
यात्रियों की परेशानी और शहरवासियों का दर्द
- दैनिक यात्रियों की मुश्किलें: शहरवासी अमन कुमार, हितेश शर्मा, किरण कुमारी, रंजना देवी और सुमित्रा देवी ने बताया कि यदि सभी वैनें नियमित रूप से चलें, तो लोगों को कम किराये में आवागमन की बड़ी राहत मिल सकती है। वैनें खराब होने से रोजाना बाजार आने-जाने वालों को भारी असुविधा हो रही है।
- टैक्सी चालकों की मनमानी: सार्वजनिक परिवहन सेवा चरमराने का फायदा उठाकर टैक्सी चालक छोटे रूटों पर भी यात्रियों से अधिक पैसे वसूल रहे हैं, जिससे उनका मासिक बजट बिगड़ रहा है।
- शीघ्र सुधार की मांग: स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि खराब पड़ी वैनों को जल्द ठीक करवाया जाए ताकि जनता को इस आर्थिक और शारीरिक परेशानी से निजात मिल सके।
लोगों ने खराब वैनों को जल्द दुरुस्त करवाकर राइड विद प्राइड सेवा पूरी क्षमता से बहाल करने की मांग की है। निगम के अनुसार वैन की मरम्मत के लिए शिमला से टीम आएगी।
उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि मामला ध्यान में है। राइड विद प्राइड की खराब वैनों को जल्द ठीक करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
