हिमाचल: राशन डिपुओं में महंगा हुआ सरसों का तेल, चुकाने होंगे इतने रुपये; उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ

हिमाचल में सरसों के तेल की खपत: 19.5 लाख उपभोक्ताओं के लिए हर महीने होती है 30 हजार लीटर की मांग

शिमला: हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और बाजार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 19.5 लाख उपभोक्ता हैं। प्रदेशभर में इन उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महीने में लगभग 30 हजार लीटर सरसों के तेल की खपत होती है।

यह आंकड़ा राज्य में खाद्य तेलों की मांग और आपूर्ति के संतुलन को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना है।

हिमाचल के राशन डिपुओं में महंगे हुए खाद्य तेल: सरसों के तेल के दाम 19 रुपये बढ़े, अब चुकानी होगी इतनी कीमत

हिमाचल प्रदेश के सरकारी राशन डिपुओं से राशन लेने वाले आम उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। राज्य के डिपुओं में इस महीने सरसों के तेल के दामों में सीधे 19 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है।

नई दरें और महंगाई का असर:

  • कीमत में बढ़ोतरी: अब उपभोक्ताओं को एक लीटर सरसों के तेल के लिए पुराने 160 रुपये के बजाय 179 रुपये चुकाने होंगे।
  • उपभोक्ता और खपत: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में कुल 19.5 लाख उपभोक्ता हैं, जिनकी मासिक जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रदेशभर में एक महीने में लगभग 30 हजार लीटर सरसों के तेल की खपत होती है।

लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच डिपुओं के माध्यम से मिलने वाले इस आवश्यक खाद्य तेल के दाम बढ़ने से आम जनता और खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय है।

दो लीटर सरसों का तेल ही उपलब्ध करवाया जा रहा

पिछले लगभग सात महीनों से रिफाइंड न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को दो लीटर सरसों का तेल ही उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस बार गोकुल एग्री इंटरनेशनल लिमिटेड और शक्ति न्यूट्रिशंस प्राइवेट लिमिटेड को सरसों के तेल के टेंडर दिए गए हैं। बाजारों में तेल के दाम बढ़ने के बाद अब निगम की ओर से डिपुओं में भी तेल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। वहीं, एपीएल श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को राहत देते हुए आटे का कोटा भी बढ़ाया गया है। अब उन्हें पहले के मुकाबले एक किलो अतिरिक्त आटा मिलेगा। अक्तूबर महीने में उपभोक्ताओं को 13 किलो आटा दिया गया था, इसे नवंबर महीने से बढ़ाकर 14 किलो किया गया है।बाजारों में सरसों के तेल में दाम बढ़ने के कारण डिपुओं में भी सरसों के तेल में बदलाव किया गया है। निगम की ओर कम दामों वाली कंपनी के साथ ही टेंडर किए गए हैं। बावजूद इसके तेल के दाम 179 रुपये लीटर निर्धारित किए गए हैं।-अरविंद्र शर्मा, जीएम, खाद्य आपूर्ति निगम

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