हिमाचल: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में सुरक्षा का कड़ा पहरा, 1265 पुलिस और होमगार्ड जवान संभालेंगे मोर्चा

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। उत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाने के लिए पुलिस तथा होमगार्ड के कुल 1265 जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करना है।

पुलिस और होमगार्ड के 1265 जवान संभालेंगे जिम्मेदारी

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस और होमगार्ड के जवानों को सौंपी गई है। कुल 1265 जवान मेले के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात रहकर भीड़ पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। भीड़भाड़ वाले स्थानों, प्रमुख रास्तों, प्रवेश और निकास मार्गों तथा आयोजन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जवानों को इस तरह तैनात किया जाएगा कि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके। पुलिस प्रशासन का प्रयास रहेगा कि उत्सव में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

155 सीसीटीवी कैमरों से होगी मेले की निगरानी

मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए 155 सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी। इन कैमरों के माध्यम से उत्सव स्थल और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाएगी। भीड़ की गतिविधियों पर निगरानी रखने, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और किसी भी घटना की स्थिति में आवश्यक जानकारी जुटाने में सीसीटीवी कैमरे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निगरानी व्यवस्था से पुलिस को भीड़ की स्थिति समझने और जरूरत के अनुसार सुरक्षा कर्मियों को निर्देश देने में मदद मिलेगी। इससे मेले के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा प्रबंधन को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन तकनीक का भी होगा इस्तेमाल

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान निगरानी को मजबूत बनाने के लिए ड्रोन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ड्रोन के माध्यम से उन क्षेत्रों पर नजर रखने में मदद मिलेगी, जहां से पूरे आयोजन स्थल की स्थिति का आकलन करना जरूरी है। बड़ी भीड़ वाले हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी से पुलिस को लोगों की आवाजाही तथा भीड़ के दबाव का अंदाजा लगाने में सहायता मिलेगी। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की संयुक्त निगरानी से सुरक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल उत्सव के दौरान संभावित समस्याओं की पहचान करने और आवश्यक कदम उठाने में मददगार हो सकता है।

छह सेक्टरों में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्था, आठ डीएसपी करेंगे निगरानी

कुल्लू दशहरा मेले की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए पूरे क्षेत्र को छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पुलिस कर्मियों की तैनाती और निगरानी को व्यवस्थित रखा जा सके। इन छह सेक्टरों की निगरानी डीएसपी रैंक के आठ अधिकारी करेंगे। अधिकारियों की जिम्मेदारी सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेना, जवानों के बीच समन्वय बनाए रखना और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल निर्देश देना होगा। सेक्टर आधारित व्यवस्था से मेले के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा करने में मदद मिलेगी।

एसपी अभिषेक सेंगर के नेतृत्व में सुरक्षा पर विशेष ध्यान

एसपी कुल्लू अभिषेक सेंगर के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। 1265 पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती, 155 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, ड्रोन का इस्तेमाल और छह सेक्टरों में सुरक्षा व्यवस्था का विभाजन इसी तैयारी का हिस्सा है। आठ डीएसपी रैंक के अधिकारी सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी करेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि उत्सव के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे तथा श्रद्धालु और पर्यटक बिना किसी परेशानी के आयोजन में शामिल हो सकें। पुलिस प्रशासन की इन तैयारियों से मेले के दौरान सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

इस विषय से संबंधित:

Toggle Dark Mode