हिमाचल: कुल्लू और लाहौल-स्पीति में बदला मौसम का मिजाज, चोटियों पर ताजा बर्फबारी
कुल्लू/लाहौल-स्पीति: गुरुवार सुबह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। निचले क्षेत्रों में जहां झमाझम बारिश हुई, वहीं ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से ठंडक बढ़ गई है।
- प्रमुख बिंदु:
- ताजा बर्फबारी: विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे सहित तमाम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 5 से 10 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है।
- तापमान में गिरावट: बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिली है।
- बागवानों की बढ़ी चिंता: अचानक आए इस बदलाव से एक तरफ जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
कुल्लू और लाहौल-स्पीति में बदला मौसम का मिजाज, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड
कुल्लू/लाहौल-स्पीति: गुरुवार सुबह जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति में मौसम ने अचानक करवट ली। निचले इलाकों में जहां झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ, वहीं पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी ने दस्तक दे दी है।
- मुख्य विशेषताएं:
- ताजा बर्फबारी: रोहतांग दर्रा, बारालाचा, शिंकुला और कुंजम दर्रा जैसी प्रमुख ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं।
- बारिश और ठंड: निचले क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण घाटी में ठिठुरन और ठंड का प्रकोप काफी बढ़ गया है।
- आम जनजीवन: मौसम के इस अचानक बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
रोहतांग सहित ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी
रोहतांग दर्रे समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 5 से 10 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। बारालाचा, शिंकुला और कुंजम दर्रे के आसपास भी बर्फबारी होने से पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान नीचे आ गया है। ऊंचे इलाकों में मौसम के इस बदलाव ने सर्दियों की आहट महसूस करा दी है।
बारिश से जनजीवन प्रभावित, गर्मी से मिली राहत
कुल्लू घाटी के निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों ने बारिश और ठंडक से राहत महसूस की है। मौसम बदलने से तापमान में गिरावट आई और घाटी का वातावरण ठंडा हो गया।
बागवानों की बढ़ी चिंता
बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने जहां मौसम को खुशनुमा बनाया है, वहीं बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है। कुल्लू घाटी में सेब समेत अन्य फलों की फसल और बागवानी कार्य मौसम पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में लगातार बारिश और तापमान में बदलाव से बागवानों को फसल की गुणवत्ता और बागों में चल रहे काम को लेकर चिंता सता रही है।
मौसम के इस बदलाव के बीच स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। दर्रों में बर्फबारी के कारण सड़क और यातायात की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
शिमला में सुबह से गरज के साथ बारिश, मौसम ने बदली करवट
राजधानी शिमला में वीरवार सुबह से गरज के साथ बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छाए रहे और बारिश के कारण शहर में ठंडक बढ़ गई।
