हिमाचल में मानसून का कहर: बादल फटने, भूस्खलन और भारी बारिश से व्यापक नुकसान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ ही भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लाहौल-स्पीति में दो तथा चंबा जिले में एक स्थान पर बादल फटने की घटनाओं से सड़कें, फसलें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
वहीं, मंडी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। लगातार हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में यातायात और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, राज्यभर में 35 सड़कें बंद हैं, जबकि 127 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली कार्य में जुटा हुआ है तथा लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
हिमाचल में मानसून का कहर: बादल फटने, भूस्खलन और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश और भूस्खलन ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच बुधवार को लाहौल-स्पीति में दो स्थानों और चंबा जिले में एक स्थान पर बादल फटने की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ।
मंडी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेशभर में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान चंबा जिले में सामान्य से 544 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश नहीं होने से उमस का असर भी देखने को मिला। ऊना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लाहौल-स्पीति और चंबा में बादल फटने से भारी तबाही, सड़कें और फसलें प्रभावित
शिमला: लाहौल-स्पीति जिले में मंगलवार रात दो स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। जिस्पा में बादल फटने से नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे मलबा मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया और यातायात बाधित हो गया। वहीं, तांदी-संसारी मार्ग को भी एहतियातन यातायात के लिए बंद करना पड़ा।
इसके अलावा, पट्टन घाटी के पड़ाक गांव में बादल फटने से आई बाढ़ ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। बाढ़ के कारण रीवालिंग संपर्क सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
उधर, चंबा जिले की साहो की कीड़ी पंचायत में बादल फटने से सेब के बगीचों को नुकसान पहुंचा। कीड़ी-बंजल मार्ग पर जुंगली नाला के पास करीब 500 मीटर सड़क बह गई, जबकि कैंची मोड़ के समीप तीन पैदल पुलियां भी तेज बहाव में बह गईं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने और बहाली कार्य में जुटा हुआ है।
भारी बारिश से सड़कें बंद, 30 पंचायतों का संपर्क प्रभावित; मंडी में महिला की मौत
शिमला: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण चंबा जिले में पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग और चंबा-तीसा मार्ग कई घंटे तक बंद रहे। इसके चलते करीब 30 पंचायतों का संपर्क प्रभावित हो गया और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सलूणी क्षेत्र में कई घरों में मलबा घुस गया, जबकि किलाड़-सेचू मार्ग पर भूस्खलन के दौरान मलबे में एक जेसीबी मशीन दब गई।
उधर, मंडी जिले में बुधवार सुबह औट स्थित शनि मंदिर के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। भारी बारिश के बीच कार से उतरते ही एक महिला पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
लगातार बारिश के चलते मंडी जिले में ब्यास नदी सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
प्रदेशभर में 35 सड़कें बंद, 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप; कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित
शिमला: प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण राज्यभर में 35 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। इसके साथ ही कई स्थानों पर पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
ऊना में भारी बारिश के चलते कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जलभराव के कारण सब्जी मंडी का कारोबार प्रभावित रहा, जबकि एक स्कूल परिसर में भी पानी भर गया।
वहीं, भरवाईं क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा धंसने से आसपास स्थित तीन दुकानों पर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, रामपुर में गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से तीन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह कट गया, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
किन्नौर में बाढ़ से सड़क बही, भूस्खलन से शिमला-मटौर हाईवे 8 घंटे बंद
शिमला: किन्नौर जिले के रिस्पा नाले में आई बाढ़ से गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क बह गई, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई। वहीं, सतलुज नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नाथपा बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
उधर, बिलासपुर-सोलन सीमा के क्यारड़ क्षेत्र में भारी भूस्खलन के कारण शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग करीब आठ घंटे तक बंद रहा। सड़क बंद रहने से शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को लंबा इंतजार और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने मार्ग को बहाल करने के लिए मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।
आज और कल ऑरेंज अलर्ट: मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के चार जिलों कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में दो और तीन जुलाई को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि शेष जिलों में बारिश का येलो अलर्ट है। चार जुलाई को प्रदेश में ज्यादा बारिश की संभावना नहीं है। पांच और छह जुलाई के लिए दोबारा प्रदेश में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया गया है। सात जुलाई तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
कहां कितनी बारिश (मिलीमीटर में)
| स्थान | बारिश (मिलीमीटर) |
|---|---|
| पालमपुर | 74 |
| ऊना | 63 |
| धर्मशाला | 44 |
| देहरा | 38 |
| कांगड़ा | 35 |
| बिलासपुर | 27 |
| भुंतर | 27 |
| हमीरपुर | 15 |
| मंडी | 13 |
| शिमला | 12 |
मानसून के मद्देनजर लोक निर्माण विभाग के फील्ड स्टाफ की छुट्टियां रद्द
शिमला: मानसून के दौरान संभावित आपदाओं और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने फील्ड में तैनात सभी कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं।
विभाग ने अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि बारिश, भूस्खलन या सड़क बंद होने जैसी परिस्थितियों में राहत, बचाव और बहाली कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आवश्यक मशीनरी व संसाधनों को हर समय तैयार रखने के भी निर्देश जारी किए हैं।
