डॉ. कात्यायनी राठौर का सेना में चयन, चंबा जिले में खुशी की लहर
चंबा जिले की चंडी पंचायत की रहने वाली डॉ. कात्यायनी राठौर ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और कड़ी मेहनत के बल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन पश्चिमी कमान सैन्य अस्पताल, अंबाला में कैप्टन पद के लिए हुआ है, जिससे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
डॉ. कात्यायनी राठौर ने अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके चलते उन्हें भारतीय सेना के चिकित्सा विभाग में सेवा का यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ है। उनके इस चयन को न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे चंबा जिले के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
डॉ. कात्यायनी राठौर बनीं प्रेरणा, अब अंबाला सैन्य अस्पताल में देंगी सेवाएं
स्थानीय लोगों और परिजनों ने उनकी इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। डॉ. कात्यायनी राठौर अब पश्चिमी कमान सैन्य अस्पताल, अंबाला में कैप्टन के रूप में अपनी सेवाएं देंगी और देश की सेवा में योगदान करेंगी।
कड़ी मेहनत और लगन से डॉ. कात्यायनी राठौर ने हासिल किया सेना में कैप्टन पद
चंबा जिले की चंडी पंचायत की रहने वाली डॉ. कात्यायनी राठौर ने एक बेहद प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल करते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका चयन भारतीय सेना के प्रतिष्ठित पश्चिमी कमान सैन्य अस्पताल, अंबाला में कैप्टन पद के लिए हुआ है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल बन गया है।
डॉ. कात्यायनी राठौर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर चिकित्सा क्षेत्र तक का सफर पूरी लगन, अनुशासन और मेहनत के साथ तय किया। कठिन प्रतिस्पर्धा और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए यह सफलता हासिल की। उनके चयन को उनकी निरंतर मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन का परिणाम माना जा रहा
डॉ. कात्यायनी राठौर की उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी, अब सेना में निभाएंगी अहम भूमिका
परिजनों और ग्रामीणों ने डॉ. कात्यायनी राठौर को बधाइयां देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अब वह पश्चिमी कमान सैन्य अस्पताल, अंबाला में कैप्टन के रूप में अपनी सेवाएं देंगी, जहां वे देश के सैनिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण भी है।
डॉ. कात्यायनी राठौर बनीं प्रेरणा, चंबा में खुशी की लहर
डॉ. कात्यायनी राठौर की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरी चंडी पंचायत और समूचा चंबा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनके चयन की खबर मिलते ही क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया और लोगों ने इसे जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि डॉ. कात्यायनी राठौर ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सफलता क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर लड़कियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो अपने करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं।
डॉ. कात्यायनी राठौर का सेना में चयन, टांडा से अंबाला तक का प्रेरणादायक सफर
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की चंडी पंचायत की रहने वाली डॉ. कात्यायनी राठौर ने एक बड़ी और प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल करते हुए पश्चिमी कमान सैन्य अस्पताल, अंबाला में कैप्टन पद पर चयन प्राप्त किया है। उनके इस चयन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
डॉ. कात्यायनी राठौर एक शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता डॉ. उनेश राठौर बिलासपुर स्थित हाइड्रो कॉलेज में निदेशक सह प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता अंजुला राठौर गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन के माहौल ने उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कठिन चयन प्रक्रिया के बाद डॉ. कात्यायनी राठौर का सेना में कैप्टन पद पर चयन
उन्होंने मेडिकल कॉलेज टांडा से पांच वर्षों की कठिन एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ अपनी चिकित्सा शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद उनका चयन मेडिकल कॉलेज चंबा में चिकित्सक के रूप में भी हुआ, जहां उन्हें सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। हालांकि, उन्होंने देश सेवा की अपनी महत्वाकांक्षा को प्राथमिकता देते हुए पश्चिमी कमान सैन्य अस्पताल, अंबाला में कैप्टन पद के लिए आवेदन किया।
चार दिनों तक चली कठिन साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया के बाद डॉ. कात्यायनी राठौर का चयन भारतीय सेना के इस प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में कैप्टन पद पर हुआ। उनके इस चयन को उनकी मेहनत, समर्पण, चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट ज्ञान और आत्मविश्वास का परिणाम माना जा रहा है।
