Una News: चिंतपूर्णी में आस्था का सैलाब, 15 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चिंतपूर्णी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 15 हजार भक्तों ने किए दर्शन

भरवाईं में स्थित माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

सुबह मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो दिन चढ़ने के साथ लगातार बढ़ती गईं। श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद लेते रहे।

मंदिर प्रशासन के अनुसार दिनभर में करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने माता रानी के दरबार में माथा टेककर पूजा-अर्चना की।

दोपहर में चरम पर पहुंची भीड़, देर शाम तक मंदिर परिसर में रही रौनक

माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ दोपहर बाद अपने चरम पर पहुंच गई। दर्शन के लिए लगी कतारें पुराने बस अड्डे से भी आगे तक पहुंच गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तों की भारी मौजूदगी देखने को मिली।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और यह सिलसिला देर शाम तक लगातार जारी रहा। दोपहर के समय सबसे अधिक भीड़ रही, जो करीब 3 बजे के बाद धीरे-धीरे कम होने लगी।

हालांकि देर शाम तक मंदिर परिसर और आसपास के बाजारों में चहल-पहल बनी रही और पूरे क्षेत्र में श्रद्धा व उत्साह का माहौल देखने को मिला।

पंजाब से सबसे ज्यादा पहुंचे श्रद्धालु, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को सबसे अधिक श्रद्धालु पंजाब से पहुंचे। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाई।

मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर के निर्देशों पर सुरक्षा कर्मियों ने दर्शन के लिए लगी कतारों को व्यवस्थित रखा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

होमगार्ड और पूर्व सैनिकों ने संभाली व्यवस्था, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने में सुरक्षा कर्मियों की अहम भूमिका रही।

होमगार्ड इंचार्ज सरदार पूर्ण सिंह अपनी टीम के साथ पुराने बस स्टैंड के पास व्यवस्था संभालते नजर आए। वहीं मंदिर परिसर में तैनात पूर्व सैनिकों ने भी भीड़ को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बेहतर प्रबंधन के चलते श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित तरीके से दर्शन करने का अवसर मिला। पूरे दिन मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा।

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