हिमाचल: भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन पर 12.62 करोड़ से विकसित होंगी सुविधाएं

हिमाचल: भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन पर 12.62 करोड़ से विकसित होंगी यात्री सुविधाएं

भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन पर भविष्य में यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

रेल विकास निगम ने इस परियोजना के तहत विभिन्न आधारभूत ढांचे और यात्री सुविधाओं के निर्माण के लिए 12.62 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया है।

हिमाचल: भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन पर 12.62 करोड़ का टेंडर, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन पर यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं देने के लिए रेल विकास निगम ने 12.62 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया है।

इस टेंडर के तहत थलू से धरोट तक कई अहम कार्य किए जाएंगे। निर्माणाधीन इस रेल लाइन पर शुरुआती चरण में ही यात्रियों और संचालन से जुड़ी सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनाई गई है।

परियोजना में फुटओवर ब्रिज का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल है, जिससे भविष्य में यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने के लिए ट्रैक पार नहीं करना पड़ेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

हिमाचल: रेल लाइन परियोजना में अंडरपास, प्लेटफॉर्म और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन परियोजना के तहत यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए कई अहम कार्य किए जाएंगे।

परियोजना में रेलवे अंडरपास का निर्माण भी शामिल है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही सुगम होगी और रेलवे लाइन के कारण यातायात बाधित नहीं होगा।

यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म निर्माण और उसके विकास पर विशेष जोर दिया गया है। प्लेटफॉर्म पर इंटरलॉकिंग ब्लॉक, समतल सतह, स्टेशन नाम बोर्ड, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन, गैंग हट्स और अन्य तकनीकी ढांचे भी तैयार किए जाएंगे, जिससे रेलवे संचालन को सुरक्षित और सुचारु बनाया जा सके।

हिमाचल: आरवीएनएल टेंडर में क्वार्टर मरम्मत शामिल, ‘मेक इन इंडिया’ के तहत होंगे कार्य

भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन परियोजना के तहत जारी टेंडर में चंडीगढ़ स्थित आरवीएनएल कार्यालय और तीन टाइप-4 आवासीय क्वार्टरों की मरम्मत को भी शामिल किया गया है, जिससे कर्मचारियों के कार्य और आवासीय वातावरण में सुधार होगा।

आरवीएनएल ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्य रेलवे के निर्धारित तकनीकी मानकों और ‘मेक इन इंडिया’ नीति के अनुरूप किए जाएंगे। साथ ही, स्थानीय सामग्री के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा और योग्य एजेंसियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

परियोजना पूरी होने के बाद इस रेल लाइन पर यात्रियों को शुरुआत से ही सुरक्षित, आधुनिक और सुव्यवस्थित सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास से आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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