HP विधानसभा सत्र: 40,461.95 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित
प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 40,461.95 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया।
HP विधानसभा सत्र: 40,461.95 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित, विपक्ष का हंगामा और वाकआउट
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को चालू वित्तीय वर्ष के लिए 40,461.95 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया। कुल बजट का करीब 70 फीसदी अनुपूरक बजट होने पर विपक्ष ने सरकार पर कई सवाल खड़े किए।
पिछले वर्ष 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। गुरुवार को पारित अनुपूरक बजट के बाद कुल बजट का आंकड़ा बढ़कर 98,975.95 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
विपक्ष ने सरकार पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाते हुए सदन में जमकर हंगामा किया और बाद में वाकआउट कर दिया।
वहीं, सरकार की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि केंद्र द्वारा आरडीजी बंद किए जाने के कारण जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए ‘वेज एंड मींज’ के तहत ऋण लिया गया है।
भोजनावकाश से पहले सीएम ने अनुपूरक मांगों को सदन में रखा
बजट सत्र की बैठक में भोजनावकाश से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 40,461.95 करोड़ की अनुपूरक मांगों को सदन के पटल पर रखा और इन्हें पारित कर दिया गया। उसके बाद विनियोग विधेयक को भी पारित किया गया। 40,461.95 करोड़ के अनुपूरक बजट में 36,374.61 करोड़ राज्य स्कीमों और 4087.34 करोड़ केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के लिए प्रावधान किया गया है। राज्य की स्कीमों में मुख्य रूप से 26,194.95 करोड़ रुपये वेज एंड मींस और ओवरड्राफ्ट के लिए प्रावधान किया गया। 4150.14 करोड़ रुपये का प्रावधान उपदान और बिजली को उदय योजना के तहत उपलब्ध करवाए गए ऋण को इक्विटी में बदलने, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों की मरम्मत, 818.20 करोड़ प्राकृतिक आपदा राहत, 785.22 करोड़ जलापूर्ति एवं मल निकासी योजनाओं के लिए है।
मंत्री हर्षवर्धन ने ये कहा
केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के तहत अधिकतर राशि का चालू और नई विकास योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है। 2,453.97 करोड़ एनडीआरएफ से प्राप्त आपदा प्रबंधन, 688.40 करोड़ का प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, 352.18 करोड़ रेणुकाजी बांध विस्थापितों को मुआवजा देने, 82.45 करोड़ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), 68.30 करोड़ मनरेगा, 55.50 करोड़ फिना सिंह परियोजना, 36.66 करोड़ का प्रावधान राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए किया है। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि 40 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जब अनुपूरक बजट पेश किया गया उस समय विपक्ष को अपनी बात रखनी चाहिए थी। उस समय आप तैयार होकर नहीं आए। मुकेश ने कहा कि जयराम ठाकुर 6 बार के एमएलए और मुख्यमंत्री रहे हैं। जब डिमांड पर चर्चा हुई तो उन्होंने पढ़ा ही नहीं। आप तैयारी के साथ नहीं आए थे। गंभीर चूक हुई है। इस बीच विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी की।
सदन को अनुपूरक बजट की जानकारी नहीं : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में पारित अनुपूरक बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि 40,400 करोड़ का अनुपूरक बजट पास किया गया है लेकिन यह नहीं बताया गया कि इतना पैसा खर्च कहां हुआ। सदन में बजट की कॉपी भी उन्हें नहीं दी गई। सरकार चीजों को छिपा रही है। यह सदन की अवमानना है। सरकार इस पर स्पष्टीकरण दें। जब भी बजट प्रस्तुत होता है सदन को उसकी कॉपी दी जाती है। जयराम ने सदन के बाहर विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया।
सदस्यों को पारित करने से पहले चर्चा में भाग लेने को कहा था : पठानिया
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि अनुपूरक बजट विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। पठानिया ने रिकाॅर्ड निकाल कर पढ़ा। उन्होंने कहा कि इसमें साफ दर्ज था कि सदस्यगण चर्चा में भाग ले सकते हैं। उन्होंने चर्चा के लिए पूछा भी था। उन्होंने कहा कि विपक्ष को ध्यान देना चाहिए था।
वेज एंड मींस के कारण बढ़ा अनुपूरक बजट का आंकड़ा : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम उस समय सदन में नहीं थे जब अनुपूरक बजट पेश हो रहा था। कानूनी प्रावधान है कि अनुपूरक बजट विधानसभा में रखा जाता है। विधानसभा अध्यक्ष ने पूछा कोई इस विषय पर चर्चा करना चाहता है, उस समय किसी ने चर्चा में भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने पर जनता पर बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने वेज एंड मींज के तहत ऋण लिया। कहां खर्च किया, वह भी अनुपूरक बजट में बताया है। 98 हजार करोड़ का बजट नहीं है। हमने ऋण लिया और अगले दिन वापस कर दिया।
हिमकेयर, सहारा योजनाओं के लिए 657 करोड़
अनुपूरक बजट में हिमकेयर, सहारा योजना, चिकित्सा निकासी योजनाओं के लिए बजट रखा गया है। शिमला, टांडा, हमीरपुर, नेरचौक और एम्स चम्याणा में रोबोटिक सर्जरी, टांडा, हमीरपुर और एम्स चम्याणा में उन्नत परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना, हमीरपुर और टांडा के लिए पैट स्कैन की खरीद आदि के लिए 657.22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 555.89 करोड़ रुपये का प्रावधान शेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत सब्जी मंडी शिमला और नगर परिषद हमीरपुर में शॉपिंग, हमीरपुर में एचआरटीसी बस अड्डे, खलीनी शिमला में फ्लाई ओवर, छोटा शिमला से विल्ली पार्क तक अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट के निर्माण और स्कैंडल प्वाइंट पुस्तकालय के सुदृढ़ीकरण, 453.63 करोड़ सड़कों के रख-रखाव, पुलों, ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मुआवजे, 443.33 करोड़ हिमाचल पथ परिवहन निगम को यात्रियों की विभिन्न श्रेणियों को किराये में दी जा रही छूट के एवज में उपदान, हमीरपुर में बस अड्डे और सिरमौर में भवन के निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के सुदृढ़ीकरण और 262.16 करोड़ 15वें वित्तायोग के अंतर्गत ग्रामीण स्थानीय निकायों को सहायता अनुदान के लिए किया गया।
HP बजट: शिक्षा, खेल व सामाजिक योजनाओं पर करोड़ों का प्रावधान
प्रदेश सरकार ने विभिन्न विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर बजट का प्रावधान किया है।
सामुदायिक केंद्रों के निर्माण, 244.31 करोड़ रुपये स्कूल भवनों, राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज सुलह, राजीव गांधी राजकीय अभियांत्रिकी कॉलेज और आईटीआई नगरोटा बगवां के भवनों के निर्माण के साथ-साथ नादौन, हमीरपुर, नाहन, बैजनाथ और कल्पा में इंडोर स्टेडियमों के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा, 221.53 करोड़ रुपये आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के मानदेय, मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना, लुथान (कांगड़ा) में सुख आश्रय परिसर, विभिन्न जिलों में शिशु देखभाल केंद्रों के निर्माण और पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए निर्धारित किए गए हैं।
वहीं, 192.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी विभिन्न मदों के तहत किया गया है।
HP बजट: एनडीआरएफ, न्यायिक ढांचा और विकास परियोजनाओं के लिए करोड़ों का प्रावधान
प्रदेश सरकार ने विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं और अवसंरचना विकास के लिए बजट में बड़े प्रावधान किए हैं।
एनडीआरएफ बटालियन मुख्यालय बैहना (मंडी) के लिए सड़क निर्माण, मशीनरी और उपकरणों की खरीद के साथ ही 186.73 करोड़ रुपये राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय घंडल में न्यायिक अवसंरचना के उन्नयन, छात्र-छात्रावास, राजस्व व जेल भवनों, राज्य के विभिन्न स्थानों पर कार्यालय भवनों, नई दिल्ली के द्वारका में राज्य अतिथि गृह और हिमाचल भवन चंडीगढ़ के निर्माण के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा, 148.24 करोड़ रुपये एनडीआरएफ बटालियन बैहना (मंडी) की स्थापना के लिए, 108.17 करोड़ रुपये न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में एसजीएसटी रिइंबर्समेंट के लिए और 104.65 करोड़ रुपये जीका, एमआईएस व एचपी शिवा परियोजना के लिए आवंटित किए गए हैं।
अन्य विभागों को
शहरी विकास 520.38 90.00, ग्रामीण विकास 563.59 2.27, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता 147.56 109.50, सिंचाई एवं जलापूर्ति 489.52 475.19, उद्योग विभाग 131.32 16.22, विद्युत विकास 1154.50 3042.75, सड़क एवं परिवहन 250.72 96.89 करोड़।
