ऊना के झंबर में सरकारी जंगल से 1000 खैर के पेड़ कटे, वन विभाग ने जांच शुरू की

ऊना के झंबर में सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों का बड़े पैमाने पर अवैध कटान

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की झंबर पंचायत में सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों के बड़े पैमाने पर अवैध कटान का मामला सामने आया है।

इस घटना ने वन विभाग और प्रशासन को सतर्क कर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अज्ञात लोगों द्वारा संगठित तरीके से पेड़ों की कटाई की गई है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है।

वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। साथ ही क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

ऊना के झंबर में 1000 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई, करोड़ों का नुकसान; ग्रामीणों ने उठाए सवाल
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की झंबर पंचायत में सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, बीते दो-तीन दिनों के भीतर वन माफिया ने करीब 1,000 खैर के पेड़ों को काटकर जंगल को लगभग साफ कर दिया। कटे हुए पेड़ों की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध कटान होने के बावजूद वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी विभाग को जंगल में माफिया की सक्रियता को लेकर आगाह किया था, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

बुधवार को जब ग्रामीणों की नजर जंगल पर पड़ी, तो बड़ी संख्या में खैर के पेड़ कटे हुए मिले, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

अब इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।

रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से कटान को अंजाम दिया

झंबर पंचायत के संजय कुमार, बलवान सिंह, सुनीता देवी, लीला देवी और विजय कुमार ने बताया कि गांव की आबादी के साथ सटा यह सरकारी जंगल पहले घना था, जिसमें खैर के पेड़ बड़ी संख्या में मौजूद थे। माफिया ने रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से कटान को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जंगल की सुरक्षा के लिए तैनात कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और वन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कटान की सूचना मिलने के बाद बुधवार देर शाम वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा रैकेट आपसी सांठगांठ से संचालित हो रहा है। यही वजह है कि इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी का कटान होने के बावजूद यह बिना किसी रोक-टोक के गायब हो गई। 

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: डीएफओ

यदि झंबर में इतनी बड़ी संख्या में खैर के पेड़ों का कटान हुआ है तो यह गंभीर और हैरान करने वाला मामला है। वीरवार को मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए जाएंगे और इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। – सुशील राणा, वन मंडल अधिकारी ऊना

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