तीसा-चंबा मार्ग पर सरेला नाला के पास 3 घंटे बाधित रहा यातायात, भूस्खलन बना वजह
सूचना मिलते ही विभागीय लेबर और मशीनरी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद करीब तीन घंटे में सड़क को बहाल किया गया, जिससे लोगों को राहत मिली।
सरेला नाला में दलदली जमीन वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि यहां वाहन चलाना किसी खतरे से कम नहीं है। बस चालकों को भी मजबूरी में सवारियों को दोनों किनारों पर उतारकर खुद ही बस को पार कराना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में बार-बार भूस्खलन होता रहता है, जिससे विशेषकर रात के समय आवाजाही करना काफी जोखिम भरा हो जाता है।
मिट्टी गिरने से थमा यातायात, 3 घंटे बाद बहाल हुआ चंबा-तीसा मार्ग
ग्रामीणों योगराज, अमित कुमार, हरीश कुमार, केसर चंद, दलीपा राम और हाकम चंद ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 9 बजे चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर सरेला के पास मिट्टी गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर विभागीय लेबर और मशीनरी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद करीब 12 बजे सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया गया।
सरेला नाला में पहले भी फंस चुकी हैं बसें, विभाग ने सुधार का दिया आश्वासन
चंबा-तीसा सड़क पर स्थित सरेला नाला में इससे पहले भी कई बार वाहन फंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ समय पहले यहां दो बसें फंस गई थीं, जबकि एक सप्ताह पूर्व सनवाल से चंबा जा रही एक निजी बस भी कीचड़ में फंस गई थी, जिससे सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
बार-बार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र में आवाजाही करना जोखिम भरा बनता जा रहा है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
