भूकंप का झटका: सुबह-सुबह इस भारतीय राज्य में हिली धरती, लोगों में दहशत का माहौल

भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और पड़ोसी देश चीन में भूकंप के हल्के से मध्यम तीव्रता वाले झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, लद्दाख के लेह क्षेत्र में 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। वहीं, चीन में भी भूकंप के झटके महसूस हुए, जिसकी विस्तृत जानकारी एनसीएस द्वारा साझा की जा रही है।

इन झटकों के बाद स्थानीय लोगों में हल्की दहशत का माहौल देखा गया, हालांकि अब तक किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।



लद्दाख और चीन में भूकंप के झटके, लेह में 3.7 और झिंजियांग में 4.4 तीव्रता दर्ज

नेशनल डेस्क। भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और पड़ोसी देश चीन में भूकंप के हल्के से मध्यम दर्जे के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, लेह में 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जबकि चीन के झिंजियांग क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का झटका आया।

दोनों क्षेत्रों में झटकों के बाद लोगों ने हल्की चिंता व्यक्त की, हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

लद्दाख के लेह में 3.7 तीव्रता का भूकंप

लद्दाख के लेह में रविवार को रिक्टर पैमाने पर 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। NCS के अनुसार इस भूकंप का केंद्र ज़मीन की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। गौरतलब है कि लेह में इसके पहले 21 अक्टूबर 2025 को भी दोपहर में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 90 किलोमीटर की गहराई पर था।

चीन के झिंजियांग में जबरदस्त झटके: 4.4 तीव्रता का उथला भूकंप, संवेदनशील क्षेत्र में बढ़ी चिंता

चीन के झिंजियांग क्षेत्र में सोमवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, यह भूकंप तड़के 1 बजकर 26 मिनट पर आया और इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई। यह झटका लद्दाख के लेह में आए 3.7 तीव्रता के भूकंप से अधिक शक्तिशाली था।

NCS ने जानकारी दी कि यह भूकंप सिर्फ 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, सतह के पास (उथली गहराई) आने वाले भूकंप अधिक खतरनाक माने जाते हैं, क्योंकि इनकी ऊर्जा सीधे जमीन की सतह पर अधिक नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे भूकंप अक्सर झटके को ज्यादा तीव्र महसूस कराते हैं और भवनों, कच्चे या पुराने ढांचों पर तेज असर डाल सकते हैं।

लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप के तुरंत बाद कई लोग घरों से बाहर निकल आए, हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

चीन का झिंजियांग क्षेत्र लंबे समय से भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। 20वीं सदी की शुरुआत से अब तक यहां 6 या उससे अधिक तीव्रता वाले 800 से अधिक भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं, जो इस क्षेत्र की भूकंपीय गतिविधि को बेहद गंभीर दर्शाता है। लगातार भूकंप आने की वजह से यहां की सरकार और वैज्ञानिक टीमें क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि झिंजियांग में इस तरह की भूकंपीय हलचल आगे भी जारी रह सकती है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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