शिमला के रिज मैदान पर ‘दिलों के राजा’ वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण — श्रद्धा और राजनीति का संगम, प्रियंका गांधी और CM सुक्खू ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

हिमाचल प्रदेश की राजनीति के शिखर पुरुष और छह बार के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर अनावरण किया गया। यह पल न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए भावनात्मक था, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण भी बन गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुखेश अग्निहोत्री, वीरभद्र सिंह की पत्नी एवं मंडी सांसद प्रतिभा सिंह, और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद रहीं।


कार्यक्रम के दौरान रिज मैदान जयकारों से गूंज उठा — “वीरभद्र अमर रहें”, “दिलों के राजा जिंदाबाद” जैसी आवाजें पूरे माहौल में गूंजती रहीं। वीरभद्र सिंह को हिमाचल की राजनीति का वह चेहरा माना जाता है जिसने न केवल विकास की नई इबारत लिखी, बल्कि जनता के दिलों में स्थायी जगह बनाई।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मौके पर कहा कि “वीरभद्र सिंह केवल एक नेता नहीं, बल्कि हिमाचल की आत्मा थे। उन्होंने अपने जीवन का हर पल जनता की सेवा में समर्पित किया। उनके आदर्श और विचार आज भी पार्टी और प्रदेश के लिए मार्गदर्शक हैं।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी वीरभद्र सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि “वीरभद्र सिंह हिमाचल के निर्माणकर्ता थे। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और उद्योग के क्षेत्र में जो काम किए, वे आज भी प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं।” सुक्खू ने यह भी जोड़ा कि यह प्रतिमा उनके योगदान की जीवंत याद दिलाती रहेगी।

प्रतिभा सिंह ने भावुक स्वर में कहा कि “यह क्षण मेरे परिवार और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का है। वीरभद्र सिंह ने अपना पूरा जीवन जनता के लिए जिया, और जनता ने उन्हें सच्चे दिल से ‘दिलों का राजा’ कहा।” उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की सोच थी कि विकास का लाभ हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचे।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। रिज मैदान पर लगे मंच को खूबसूरती से सजाया गया था, और वीरभद्र सिंह की जीवन यात्रा को दर्शाने वाली झलकियाँ प्रदर्शित की गईं। कई लोगों की आंखें नम थीं जब परिजनों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

यह प्रतिमा न केवल एक श्रद्धांजलि है, बल्कि उस युग की याद भी दिलाती है जब वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश ने विकास के नए मापदंड स्थापित किए थे। उनका व्यक्तित्व विनम्र, लेकिन निर्णय दृढ़ थे — यही वजह थी कि वे जनता के दिलों में “राजा साहब” के नाम से जाने जाते रहे।

कार्यक्रम के अंत में पूरे रिज मैदान में उनके पसंदीदा गीत बजाए गए और वातावरण भावनाओं से भर गया। हिमाचल की राजनीतिक और सामाजिक यात्रा में वीरभद्र सिंह का योगदान हमेशा अमिट रहेगा।

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