नए सॉफ्टवेयर के कारण प्रॉपर्टी टैक्स बिलों में देरी, शहरवासियों को करना पड़ रहा इंतजार
शिमला शहर के हजारों भवन मालिकों को इस बार प्रॉपर्टी टैक्स के बिल प्राप्त करने के लिए कुछ और दिन इंतजार करना पड़ेगा। नगर निगम द्वारा नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से टैक्स बिल जारी करने की प्रक्रिया अपनाई गई है, लेकिन सभी भवन मालिकों का रिकॉर्ड अभी तक पूरी तरह अपडेट नहीं हो पाया है। इसी कारण पहली जून से जारी होने वाले बिल फिलहाल लंबित हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद ही टैक्स बिल जारी किए जाएंगे।
32 हजार भवन मालिकों का रिकॉर्ड अपडेट करने में जुटा नगर निगम प्रशासन
शहर में करीब 32 हजार भवन मालिक ऐसे हैं जिनसे नगर निगम हर वर्ष प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। नए सिस्टम को लागू करने के लिए सभी भवन मालिकों का डेटा पुराने रिकॉर्ड से नए सॉफ्टवेयर में स्थानांतरित किया जा रहा है। अब तक लगभग 20 हजार भवन मालिकों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा चुका है, जबकि शेष रिकॉर्ड को भी जल्द से जल्द अपडेट करने का कार्य जारी है। निगम अधिकारियों का दावा है कि यह प्रक्रिया भविष्य में टैक्स प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और आसान बनाएगी।
हर साल अप्रैल में जारी होते हैं बिल, इस बार तकनीकी बदलाव बना देरी का कारण
आमतौर पर नगर निगम प्रत्येक वर्ष अप्रैल महीने में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल जारी कर देता है, ताकि भवन मालिक समय पर भुगतान कर सकें। इस वर्ष भी पहली अप्रैल से बिल जारी होने की योजना थी, लेकिन नए डिजिटल सिस्टम को लागू करने के निर्णय के कारण प्रक्रिया निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकी। तकनीकी बदलाव और रिकॉर्ड माइग्रेशन के चलते निगम को अतिरिक्त समय लग रहा है, जिसके कारण बिल जारी होने में देरी हो रही है।
10 जून तक रिकॉर्ड अपडेट करने का लक्ष्य, उसके बाद जारी होंगे टैक्स बिल
नगर निगम प्रशासन ने संबंधित विभागों और तकनीकी टीम को निर्देश दिए हैं कि 10 जून तक सभी भवन मालिकों का रिकॉर्ड नए सॉफ्टवेयर में अपडेट कर दिया जाए। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड सत्यापन और डेटा अपलोड का कार्य अंतिम चरण में है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, सभी भवन मालिकों को उनके प्रॉपर्टी टैक्स के बिल जारी कर दिए जाएंगे। निगम को उम्मीद है कि इसके बाद टैक्स भुगतान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगी।
बिल न मिलने से निगम कार्यालय पहुंच रहे लोग, टैक्स शाखा में बढ़ी भीड़
प्रॉपर्टी टैक्स के बिल जारी न होने के कारण शहर के कई भवन मालिक नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। रोजाना बड़ी संख्या में लोग टैक्स शाखा में पहुंचकर बिलों की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि बिल जारी होने में हो रही देरी के कारण उन्हें अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने निगम से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की मांग भी की है।
डिजिटल व्यवस्था से भविष्य में मिलेगी सुविधा, लेकिन फिलहाल बढ़ी लोगों की परेशानी
नगर निगम का मानना है कि नए सॉफ्टवेयर के लागू होने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी सेवाएं अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएंगी। भवन मालिक ऑनलाइन माध्यम से अपने रिकॉर्ड और भुगतान संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि वर्तमान में रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी तकनीकी कार्य पूरे कर बिल जारी कर दिए जाएंगे, जिससे लोगों की परेशानी समाप्त हो सकेगी।
