Kangra News: पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की मौत से सुरक्षा पर सवाल

बरियाल (कांगड़ा)। पौंग झील के किनारे पनाल्थ क्षेत्र में बीती रात प्रवासी पक्षियों की एकदम से हुई मौत से वन्यप्राणी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है। वन्य प्राणी विभाग भले ही प्रवासी पक्षियों की देखरेख करने के दावे कर रहा है लेकिन वन्यप्राणी विभाग की देखरेख के बीच भी धड़ल्ले से प्रवासी पक्षियों का शिकार हो रहा है। इससे प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुल गई है।

पक्षी एवं पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पौंग झील किनारे खाली जमीन पर प्रतिबंध के बावजूद की गई खेती प्रवासी पक्षियों के लिए यमदूत बन रही है। भूमाफिया फसल की आड़ में जहरीली दवाई या आटे में विस्फोटक पदार्थ की गोलियां बनाकर डालने से प्रवासी पक्षियों को मारा जा रहा है।

इसी महीने 10 और 14 दिसंबर को पनाल्थ व फारियां में जंगली जानवरों की शिकार की आड़ में शिकारियों के विस्फोटक पदार्थ से तीन गायों की दर्दनाक मौत हो गई। अभी यह मामला सुलझा भी नहीं था कि अब दर्जनों प्रवासी पक्षियों की मौत भी इन स्थानों पर ही हुई है।
पक्षी प्रेमियों का कहना है फसल में दवाई डालकर प्रवासी पक्षियों को मारा जा रहा है, जिसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले भी नंदपुर के पास पौंग झील के किनारे प्रवासी पक्षियों के ढेरों पंख मिले थे। तब वन्यप्राणी विभाग ने प्रवासी पक्षियों का मामला जंगली सियारों पर डालकर पल्ला झाड़ लिया। जबकि बीती रात काल का ग्रास बने प्रवासी पक्षियों का अभी तक वन्यप्राणी विभाग पता नहीं लगा पाया है कि आखिरकार प्रवासी पक्षियों की मौत कैसे हुई।
उधर पर्यावरण प्रेमी एवं शिक्षाविद मिलखी राम शर्मा का कहना है कि पौंग झील की खाली जमीन पर की गई अवैध खेती को बचाने के लिए भू माफिया व शरारती तत्व विस्फोटक पदार्थ व जहरीली दवाई का छिड़काव कर प्रवासी पक्षियों का शिकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पौंग झील में अवैध खेती और प्रवासी पक्षियों के शिकार पर वन्यप्राणी विभाग के खिलाफ सोमवार को प्रदेश के उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। वन्यप्राणी परिक्षेत्र नगरोटा सूरियां की परिक्षेत्र अधिकारी सरिता कौंडल ने कहा की विभागीय टीम को मौके पर जाने का निर्देश दे दिए हैं तथा मृत पक्षियों के मिलने पर पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। इसके बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रवासी पक्षियों में बर्डफ्लू का पता लगाने के लिए हर महीने सैंपल लिए जाते हैं और अभी तक सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव ही आई है।

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