Himachal Weather : कांगड़ा-किन्नौर में बादल फटने से तबाही, 18 मकान मलबे में दबे; प्रदेशभर में 150 सड़कें बंद

हिमाचल में भारी बारिश और बादल फटने से भारी तबाही

शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने कई क्षेत्रों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कांगड़ा और किन्नौर जिलों में सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला है।

कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने से 18 मकान, एक स्कूल और नौ गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना में तीन महिलाएं घायल हुई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बारिश के कारण पूरे प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। वर्तमान में 150 सड़कें, 291 बिजली ट्रांसफार्मर और 91 पेयजल योजनाएं बाधित हैं, जिससे लोगों को आवागमन, बिजली और पानी की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

कांगड़ा की बोह घाटी में बादल फटा, चार गांवों में भारी तबाही

शिमला: मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, चंबा और कुल्लू जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने से चार गांवों में भारी तबाही मच गई।

बादल फटने के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आकर 18 मकान मलबे में दब गए। इसके अलावा नौ गोशालाएं और एक प्राथमिक स्कूल भी बाढ़ के साथ आए मलबे की भेंट चढ़ गए।

हादसे में तीन महिलाएं घायल हो गईं, जबकि नौ मवेशियों की मौत हो गई। प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

किन्नौर में बादल फटने से तबाही, 20 घंटे बाद बहाल हुआ एनएच

शिमला: किन्नौर जिले के शलखर में स्थित गोथांग नाले में सोमवार शाम बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया। बाढ़ का पानी और मलबा बीआरओ (BRO) के दो बैरकों और एक स्टोर में घुस गया, जिससे काफी नुकसान हुआ।

बाढ़ के कारण किन्नौर-काजा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) भी मलबे से पूरी तरह भर गया। सड़क बंद होने से यातायात प्रभावित रहा। बीआरओ ने मशीनों की मदद से लगातार राहत कार्य चलाकर करीब 20 घंटे बाद राजमार्ग को दोबारा यातायात के लिए बहाल कर दिया।

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के चलते मंगलवार शाम तक 150 सड़कें, 291 बिजली ट्रांसफार्मर और 91 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कांगड़ा की बोह घाटी में बादल फटा, 18 मकान और स्कूल क्षतिग्रस्त

कांगड़ा: कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने चार गांवों में भारी तबाही मचा दी।

बाढ़ की चपेट में रूलेहड़, बंगार, गढ़गूंन और स्पैड़ा गांव आए, जहां एक प्राथमिक स्कूल, 18 मकान और 9 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ के 15 जवान और पुलिस के 10 जवान मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

एएसपी बीर बहादुर ने बताया कि डिब्बा और मानेड़ नाला में भारी मलबा आने से बोह घाटी की सड़क बंद हो गई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है।

हिमाचल में बारिश का कहर जारी, कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित

शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। एसडीएम डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नजदीकी स्कूल में ठहराया गया है।

कांगड़ा जिले की जवाली की न्यांगल पंचायत में भूस्खलन के कारण नाले का रुख बदल गया है, जिससे 10 से 15 घरों पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

खराब मौसम के कारण दिल्ली से कांगड़ा आने वाली तीन उड़ानें रद्द कर दी गईं। वहीं, जाहलमा नाले में सड़क बंद होने से दिल्ली के एक अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, जो निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देने पहुंची थी, करीब 28 घंटे से फंसी हुई है।

राजधानी शिमला में मंगलवार दिनभर हल्की बूंदाबांदी के बाद देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और करीब सवा घंटे तक तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

उधर, सुरक्षा के मद्देनजर पठानकोट–जोगिंद्रनगर रेलवे ट्रैक पर 22 और 23 जुलाई तक सभी ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।

कांगड़ा-मंडी में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने कांगड़ा और मंडी जिले के लिए बुधवार को भी भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। अन्य जिलों में भी बारिश के आसार हैं। 27 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

स्थानवर्षा (मिमी)
पालमपुर136
धर्मशाला102
नाहन82
पांवटा साहिब80
कांगड़ा70
धौलाकुआं60
मंडी33
कुफरी28
मनाली20

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