Himachal Weather Alert: हिमाचल में आज और कल भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, तीन अगस्त तक बरसेंगे बादल

हिमाचल प्रदेश में मौसम का भारी अलर्ट: 29 और 30 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

शिमला:

हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के कई जिलों में 29 और 30 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (Landslides), अचानक बाढ़ (Flash Floods), जलभराव और तेज हवाओं या आकाशीय बिजली चमकने का खतरा बना हुआ है।

मौसम विभाग की चेतावनियां और क्षेत्र:

  • 29 जुलाई: राज्य के सिरमौर जिले में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों में भी भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट है।
  • 30 जुलाई: बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। साथ ही ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।
  • 31 जुलाई से 3 अगस्त: मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर लगातार जारी रहने का अनुमान है, जिसे लेकर येलो अलर्ट व चेतावनी दी गई है।

प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह:

खराब मौसम और संभावित खतरों के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है:

  • भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों और पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • उफनते नालों, नदियों और जलभराव वाले इलाकों के करीब जाने से पूरी तरह परहेज करें।
  • यात्रा करने से पहले सड़कों की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और स्थानीय प्रशासन या मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर जारी: IMD ने अगले कुछ दिनों के लिए जारी किया भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट

शिमला:

हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह से आक्रामक और सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला (IMD) ने राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है।

मौसम विभाग का अलर्ट और अनुमान:

  • 29 और 30 जुलाई: प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ चुनिंदा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) तथा अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश (येलो अलर्ट) की चेतावनी दी गई है।
  • 31 जुलाई से 3 अगस्त: इस अवधि के दौरान भी राज्य के कई भागों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का दौर लगातार बने रहने का अनुमान है।

संभावित खतरे और सुरक्षा सलाह:

लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने निम्नलिखित जोखिमों को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है:

  • भूस्खलन (Landslides) और फ्लैश फ्लड: पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, मडस्लाइड और अचानक बाढ़ (Flash Floods) आने का खतरा काफी बढ़ गया है।
  • जलभराव: निचले और मैदानी इलाकों के शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • दृश्यता में कमी और यातायात व्यवधान: खराब दृश्यता और फिसलन भरी सड़कों के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।

प्रशासन की अपील: नागरिकों और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदियों, नालों तथा भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों के करीब जाने से पूरी तरह परहेज करें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर हुई अच्छी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हुई। चंबा जिले के जोत में सर्वाधिक 14 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, नैना देवी में 12 सेंटीमीटर, चुवाड़ी में 11 सेंटीमीटर, कटौला में 9 सेंटीमीटर और मुरारी देवी में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। शिमला, ऊना, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश देखने को मिली।

जिलावार पूर्वानुमान और संभावित खतरे

मौसम विभाग के जिलावार पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार, 29 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, बिलासपुर और चंबा जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। गुरुवार, 30 जुलाई को भी बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर सहित कई जिलों में इसी तरह की बारिश की संभावना बनी हुई है। शिमला, कुल्लू, सोलन, ऊना और हमीरपुर जिलों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

इसके साथ ही, निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊपरी इलाकों में भी अगले कुछ दिनों तक तेज हवाएं चलने की संभावना है।

भारी बारिश से हिमाचल में बढ़ सकता है खतरा: मौसम विभाग की चेतावनी, भूस्खलन और जलभराव के आसार

शिमला:

राज्य में मानसून के तीव्र दौर को देखते हुए मौसम विभाग ने एक बार फिर गंभीर चेतावनी जारी की है। भारी बारिश के चलते संवेदनशील और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) की घटनाओं में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग द्वारा जारी मुख्य चेतावनियां:

  • भूस्खलन और मडस्लाइड: पहाड़ों से मलबा गिरने और संवेदनशील मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
  • अचानक बाढ़ (Flash Floods): लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ सकता है।
  • जलभराव और यातायात बाधा: निचले और मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या के साथ-साथ सड़कों पर फिसलन पैदा हो सकती है, जिससे ट्रैफिक जाम और परिवहन बाधित होने की आशंका है।
  • जरूरी सेवाएं: खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक सेवाओं में बाधा आ सकती है।

किसानों और बागवानों के लिए सलाह:

मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों को भी सतर्क रहने को कहा है। उन्हें सलाह दी गई है कि वे मौसम की नवीनतम जानकारियों पर लगातार नजर रखें और अपनी फसलों व बगीचों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं।

लोगों से अपील: सतर्कता और सुरक्षा सर्वोपरि

मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे नदी-नालों और खड्डों के पास जाने से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें और यात्रा पर निकलने से पहले मौसम तथा सड़क की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। प्रशासन द्वारा जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों और चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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