Himachal News: हिमाचल की पंचायतों में सूचना तंत्र बना, चिट्टा माफिया का नेटवर्क तोड़ेगी पुलिस

हिमाचल प्रदेश पुलिस अब पंचायत स्तर पर मजबूत सूचना तंत्र विकसित करेगी, ताकि नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर अधिक प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। पुलिस विभाग ने नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेशभर में विशेष रणनीति तैयार की है।

इसी क्रम में अगले तीन महीनों तक चिट्टा तस्करों के खिलाफ पुलिस मेगा एक्शन चलाएगी। इस अभियान के तहत तस्करों पर कड़ी निगरानी, छापेमारी, गिरफ्तारी और नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस किया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य है कि समाज में नशे की आपूर्ति श्रृंखला को जड़ से समाप्त किया जाए और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाया जा सके।

हिमाचल में चिट्टा तस्करों पर बड़ा एक्शन: पंचायत स्तर पर सूचना तंत्र तैयार, हर वार्ड में बीट कांस्टेबल तैनात

चिट्टा तस्करों का नेटवर्क ध्वस्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पंचायत स्तर पर एक मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। नशा तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने व्यापक रणनीति अपनाई है, जिसके तहत अगले तीन महीनों तक प्रदेशभर में चिट्टा तस्करों पर मेगा एक्शन चलाया जाएगा।

पुलिस ने पंचायत स्तर पर चिट्टा तस्करों और चिट्टा लेने वालों का रिकॉर्ड तैयार करना आरंभ कर दिया है। प्रत्येक पंचायत के हर वार्ड में बीट कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे, जो नशा तस्करी से जुड़े लोगों पर कड़ी नजर रखेंगे और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

हिमाचल पुलिस ने पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के सहयोग से चिट्टा समेत अन्य नशा तस्करों पर अंकुश लगाने के लिए एक विस्तृत प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत स्थानीय स्तर पर सूचना एकत्रित कर तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि पंचायत स्तर पर सूचना तंत्र विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है और शेष प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी, ताकि प्रदेश में नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा सके।

हिमाचल में नशा रोकथाम अभियान तेज: हर पंचायत में पुलिस की कड़ी निगरानी, शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम शुरू

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी को रोकने के लिए तैयार की गई नई योजना इसी महीने सभी जिलों में लागू कर दी जाएगी। इसके लागू होते ही हर पंचायत में नशा तस्करों की गतिविधियों पर पुलिस की सख्त निगरानी शुरू हो जाएगी। पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सहायता से विकसित किया जा रहा सूचना तंत्र इस अभियान की रीढ़ बनेगा।

चिट्टा तस्करों पर नकेल कसने के लिए बीट पेट्रोलिंग को बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है। पंचायती राज संस्थाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षण संस्थानों के सहयोग से भी नशा रोकथाम के व्यापक प्रयास किए जाएंगे।

इस महीने से प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त पंचायतों और नगर निकाय क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। अभिभावकों को नशे के बढ़ते खतरे और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

चिट्टा तस्करों पर हिमाचल पुलिस का बड़ा अभियान: तीन महीने चलेगा मेगा एक्शन

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश स्तर पर अगले तीन महीनों तक चिट्टा तस्करों पर मेगा एक्शन चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य चिट्टा तस्करी की जड़ तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को समाप्त करना है।

डीजीपी हिमाचल प्रदेश अशोक तिवारी ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य चिट्टा तस्करी को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए पंचायत स्तर पर मजबूत सूचना तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे नशा तस्करों के नेटवर्क की पहचान और उस पर सटीक कार्रवाई संभव होगी। तिवारी ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में प्रदेशभर में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कदम उठाए जाएंगे।

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