हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पांगी घाटी में 2 से 3 फीट तक ताजा हिमपात हुआ है, जिससे घाटी का शेष विश्व से संपर्क पूरी तरह कट गया है। 19 पंचायतों की 25,000 से अधिक आबादी बर्फीले इलाके में फंसी हुई है।
बिजली और यातायात बाधित
भारी बर्फबारी के कारण सभी सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे लोगों को पैदल यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। 154 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। अकेले पांगी में 78 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जिससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ है।

भरमौर, सलूणी और चुराह में भी हिमपात
भरमौर की मणिमहेश पहाड़ियों सहित जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों सलूणी और चुराह में भी हिमपात हुआ है। वहीं, डलहौजी, बनीखेत, चंबा और भटियात में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। डीसी मुकेश रेप्सवाल ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
39 सड़कें बंद, यातायात ठप
भारी बर्फबारी से 39 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हो गया है, जिनमें पांगी में 35 सड़कें, भरमौर और तीसा में 2-2 सड़कें बंद हैं। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।
बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी
बिजली बोर्ड के एसई राजीव कुमार ने बताया कि मौसम साफ होते ही बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विभागीय कर्मचारी विद्युत लाइनों को ठीक करने में जुटे हुए हैं, लेकिन गिरे हुए खंभों और क्षतिग्रस्त लाइनों के कारण बहाली में समय लग सकता है।
अगले कुछ दिनों तक हालात सामान्य होने की संभावना कम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी दिनों में भी बर्फबारी जारी रह सकती है, जिससे संपर्क बहाली और सामान्य जनजीवन पटरी पर लौटने में समय लग सकता है। प्रशासन लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अत्यधिक जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील कर रहा है।
