दिल्ली धमाका: दहशत फैलाने वाले 4 हैवान डॉक्टरों में 3 पकड़े गए, चौथे ने ली खुद की जान

नई दिल्ली। दिल्ली में लाल किले के पास धमाके के पीछे एक नहीं चार-चार डॉक्टरों की हैवानियत सामने आ रही है। इनमें से तीन डॉक्टर पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ चुके थे और जो चौथा डॉक्टर फरार बताया जा रहा था, आशंका है कि उसी ने गिरफ्तारी से पहले फिदायीन हमले को अंजाम दे दिया।

सीसीटीवी फुटेज में धमाके में इस्तेमाल जिस i20 कार के ड्राइवर को फिदायीन हमले का संदिग्ध माना जा रहा है, वह कथित रूप से डॉक्टर मोहम्मद उमर है, जो गिरफ्तारी के डर से फरार बताया जा रहा था। डॉ. उमर फरीदाबाद के अल फलह मेडिकल कॉलेज में तैनात था।

डॉक्टर मोहम्मद उमर ने किया धमाका!

सोमवार शाम को लाल किले के पास चांदनी चौक लाल बत्ती पर कार में धमाके का संदिग्ध डॉक्टर मोहम्मद उमर फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का ही फरार आरोपी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार धमाके में इस्तेमाल i20 कार वही चला रहा था और संदेह है कि गिरफ्तारी के डर से उसने दो सहयोगियों के साथ आनन-फानन में धमाके की प्लानिंग की और शाम होते-होते इसे अंजाम दे दिया।

सीसीटीवी से हुई फरार संदिग्ध की पुष्टि

रिपोर्ट है कि उमर ने ही कार में विस्फोटक के साथ डेटोनेटर रखा। जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस बड़े विस्फोट के लिए फ्यूल ऑयल के साथ उसी आमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया, जो बड़ी मात्रा में फरीदाबाद से बरामद किया गया है। धमाके के लिए जगह (लाल किले के पास धमाका) और समय भी ऐसे तय किया गया, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग हताहत हों; और जिसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नैरेटिव बन सके। जानकारी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में डॉक्टर उमर के होने की पुष्टि धमाके के समय सोमवार शाम 6.52 बजे से ठीक पहले की तस्वीरों से हुई है।

डॉक्टर मुजम्मिल शकील गिरफ्तारी से डरा संदिग्ध

सूत्रों के अनुसार जब डॉक्टर उमर को डॉक्टर मुजम्मिल शकील की गिरफ्तारी की जानकारी मिली तो शायद वह घबरा गया और इसी वजह से फिदायीन हमले को आनन-फानन में अंजाम दिया। इसी डॉक्टर के पास से हरियाणा और कश्मीर पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में 2,900 किलो आईईडी बनाने वाली सामग्री बरामद की थी। शकील फरीदाबाद के ही अल फलह यूनिवर्सिटी का फैकल्टी है।

डॉ अदील राथर और डॉ शाहीन भी गिरफ्तार

फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल में पुलिस ने अभी तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से सात कश्मीर से हैं। डॉक्टर मुजम्मिल शकील उर्फ मुसैब पुलवामा के कोइल का रहना वाला है। इस मामले में गिरफ्तार दूसरा डॉक्टर अदील राथर कुलगाम के वालपोरा इलाके का रहने वाला है और अनंतनाग स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में तैनात था। इसे मोहम्मद उमर का बेहद करीबी बताया जा रहा है।

इस केस में पुलिस के हत्थे एक महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद भी चढ़ी है, जो लखनऊ की रहने वाली है। यह भी डॉक्टर शकील की अल फलह यूनिवर्सिटी की सहयोगी है। इन डॉक्टरों में सबसे पहली गिरफ्तारी 27 साल के अनंतनाग के रहने वाले डॉक्टर अलीद राथर की हुई, जिसे एक हफ्ते पहले ही श्रीनगर में जैश ए मोहम्द से जुड़े पोस्टर लगाने के मामले में पकड़ा गया था। इसके निजी लॉकर से AK-47 हुआ था।

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