हमीरपुर (धनेटा )। समग्र शिक्षा और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हमीरपुर के तत्वावधान में पीएम श्री स्कूलों के उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को हुआ। कार्यशाला 21 मार्च तक आईएचएम हमीरपुर में आयोजित हो रही है। कार्यशाला का उद्घाटन डाइट के प्रधानाचार्य सुनील कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नई शैक्षणिक अवधारणाओं से परिचित कराने के लिए आयोजित किया गया है।
आईएचएम हमीरपुर में शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन
शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और नई शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में आईएचएम हमीरपुर के एचओडी, डॉ. पुनीत बंटा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे अपने शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावी बना सकें।
पीएम श्री स्कूल योजना के तहत शिक्षकों का प्रशिक्षण
टीचर ट्रेनिंग इंचार्ज, पुनीत कुमार ने बताया कि यह कार्यशाला पीएम श्री स्कूल योजना के तहत आयोजित की जा रही है, जिसमें जिले के 16 पीएम श्री स्कूलों के 121 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल होंगे, जिनमें टीजीटी (Trained Graduate Teacher), सीएंडवी (C&V) और जेबीटी (Junior Basic Teacher) प्रमुख रूप से भाग लेंगे।
कार्यशाला को दो चरणों में संपन्न किया जाएगा:
- पहले चरण में 61 शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
- दूसरे चरण में शेष शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे भी इस प्रशिक्षण के लाभ प्राप्त कर सकें।
प्रशिक्षण में शामिल विषय और गतिविधियाँ
इस कार्यशाला में शिक्षकों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जाएगी, जिससे वे अपनी कक्षाओं में आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें। प्रमुख विषयों में निम्नलिखित शामिल हैं:
✅ शिक्षकों की भूमिका और जिम्मेदारियां – शिक्षकों को उनकी पेशेवर भूमिकाओं, नैतिकता और कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
✅ महत्वपूर्ण कानूनी एवं सामाजिक विषय – शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
✅ पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) – बाल संरक्षण कानूनों और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा होगी।
✅ कम्युनिटी मोबिलाइजेशन – शिक्षकों को समुदाय और अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित करने की तकनीकों से अवगत कराया जाएगा।
✅ डिजिटल स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण (Digital Well-being) – डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित और सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर चर्चा होगी।
✅ शिक्षण में तकनीकी उपयोग – सूचना एवं संचार तकनीक (ICT) के उपयोग से शिक्षण को अधिक प्रभावी और आकर्षक बनाने के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
✅ यू-डाइस (U-DISE) का परिचय – शिक्षकों को स्कूल डेटा प्रबंधन प्रणाली के उपयोग और उसकी महत्ता के बारे में बताया जाएगा।
✅ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की मुख्य बातें – नई शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
✅ व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) और कौशल विकास – छात्रों में व्यावसायिक शिक्षा और व्यावहारिक कौशल विकसित करने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर जानकारी दी जाएगी।
✅ समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) – सभी छात्रों के लिए समान और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा होगी।
✅ अभिभावकीय नियंत्रण और निगरानी – अभिभावकों की सहभागिता और उनके सहयोग से शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
कार्यशाला का उद्देश्य
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना और उन्हें शिक्षण कार्यों में तकनीकी नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को उनके दायित्वों, नई शिक्षा प्रणाली, डिजिटल उपकरणों के प्रभावी उपयोग और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के तरीकों पर जानकारी प्रदान की जाएगी।
इस कार्यशाला से न केवल शिक्षकों की दक्षता में वृद्धि होगी, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव छात्रों के समग्र विकास पर भी पड़ेगा।
