बड़ा फैसला: हिमाचल में पे प्रोटेक्शन व्यवस्था लागू, सीधी भर्ती से नौकरी बदली तो कम नहीं होगा वेतन

अब नए पद पर वेतन निर्धारण कर्मचारी के वर्तमान मूल वेतन (बेसिक पे) को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

वित्तीय सुरक्षा: इस नियम से सीधी भर्ती के जरिए नए पद पर जाने वाले कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं होती और उनके पुराने मूल वेतन की सुरक्षा बनी रहती है।

करियर में प्रोत्साहन: इससे कर्मचारी बिना किसी आर्थिक नुकसान के बेहतर अवसरों और नए पदों के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।

हिमाचल प्रदेश में पे प्रोटेक्शन (वेतन संरक्षण) व्यवस्था लागू

मुख्य विशेषताएँ और लाभ:

  • वित्तीय सुरक्षा की गारंटी: यदि कोई नियमित सरकारी कर्मचारी सीधी भर्ती के माध्यम से किसी नए या उच्च पद पर चयनित होता है, तो उसके वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उसके पुराने मूल वेतन (Basic Pay) की पूरी सुरक्षा रहेगी।
  • वेतन निर्धारण का तरीका:
    • नए पद के पे मैट्रिक्स लेवल में सबसे पहले पुराने मूल वेतन के बराबर की राशि तलाशी जाएगी।
    • यदि नए वेतन स्तर में वह राशि उपलब्ध नहीं है, तो कर्मचारी का वेतन तत्काल अगले उच्च स्केल पर तय किया जाएगा।
  • करियर में प्रोत्साहन: इस नई व्यवस्था से कर्मचारी बिना किसी आर्थिक नुकसान के बेहतर अवसरों और नए पदों के लिए आवेदन करने के लिए स्वतंत्र और प्रोत्साहित होंगे।

सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों को भेजीं आदेश की प्रतियां

वित्त विभाग ने आदेश की प्रतियां सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, महालेखाकार (एजी) और जिला उपायुक्तों को भेजकर इसका अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। प्रदेश में एक जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान लागू होने के बाद सीधी भर्ती के जरिये दूसरे पदों पर जाने वाले कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को लेकर लगातार प्रश्न उठ रहे थे। विभागों, बोर्डों, निगमों और स्वायत्त संस्थानों से वित्त विभाग को बार-बार संदर्भ भेजे जा रहे थे कि ऐसे कर्मचारियों का वेतन किस आधार पर तय किया जाए।

केवल विभाग परिवर्तन तक सीमित नहीं रहेगा लाभ

आदेश के अनुसार इसका लाभ केवल एक सरकारी विभाग से दूसरे विभाग में जाने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं होगा। उसी विभाग में किसी अन्य पद पर सीधी भर्ती से चयनित कर्मचारी भी इसके लिए पात्र होंगे। बोर्डों-निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारी यदि सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी पदों पर चयनित होते हैं तो उनके वेतन निर्धारण में भी यही नियम लागू होगा।

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