हिमाचल: अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं करने पर सरकाघाट के एसडीएम को हाईकोर्ट ने किया तलब, जानें पूरा मामला

सरकाघाट में अवैध निर्माण को लेकर हाईकोर्ट सख्त

मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई और उठाए गए कदमों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यदि अवैध निर्माण के संबंध में शिकायत या न्यायिक निर्देश मौजूद हैं, तो संबंधित प्रशासन को उनकी गंभीरता से अनुपालना सुनिश्चित करनी चाहिए।

प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर अदालत ने जताई नाराजगी

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकाघाट क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। अदालत ने प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कोर्ट ने यह भी देखा कि संबंधित मामले में प्रशासन की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं हुई है। इसी वजह से अदालत ने जिम्मेदार अधिकारी को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

सरकाघाट के एसडीएम को व्यक्तिगत पेशी के आदेश

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकाघाट के एसडीएम को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष पेश होने के आदेश दिए हैं। कोर्ट का यह निर्देश अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एसडीएम की व्यक्तिगत पेशी के दौरान प्रशासन की ओर से अब तक उठाए गए कदमों, संबंधित निर्माणों की स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी अदालत के समक्ष रखी जा सकती है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासन पर मामले में प्रभावी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने की सुनवाई

इस मामले की सुनवाई हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने की। खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी शामिल रहे। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकाघाट क्षेत्र में अवैध निर्माण से जुड़े मामले में प्रशासन की कार्रवाई का संज्ञान लिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

सरकाघाट में अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अदालत के समक्ष यह मुद्दा आने के बाद अब संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित हो गया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन को मामले से जुड़े तथ्यों और अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी अदालत के समक्ष रखनी होगी। साथ ही आगे अवैध निर्माण के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर भी नजर रहेगी।

अगली सुनवाई में स्पष्ट होगी प्रशासन की कार्रवाई

अब इस मामले की अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि सरकाघाट के एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में पेश होना है। अदालत के समक्ष अधिकारी को मामले की मौजूदा स्थिति और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में जवाब देना होगा। इसके बाद कोर्ट मामले में आगे क्या निर्देश जारी करता है, यह अगली सुनवाई के दौरान स्पष्ट होगा। फिलहाल हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद सरकाघाट में अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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