हिमाचल प्रदेश की शिमला पुलिस ने चिट्टे की सप्लाई से जुड़े मामले में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर एक बैंक कर्मचारी को मनीमाजरा चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान 31 वर्षीय गौरव तिशावर निवासी मनीमाजरा चंडीगढ़ के रूप में हुई है। आरोपित एक सहकारी बैंक में नौकरी करता है और नौकरी के साथ मादक पदार्थों की बिक्री में भी संलिप्त था।
आरोपित के मनीमाजरा स्थित आवास से 9.31 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह कार्रवाई शिमला पुलिस ने आठ सितंबर को दर्ज मामले के तहत की है।
आठ सितंबर को पकड़े थे दो आरोपित
शिमला पुलिस ने कृष्णानगर निवासी 25 वर्षीय सनमजीत और 22 वर्षीय सुमित को आठ सितंबर को पांच ग्राम चिट्टे सहित गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए दोनों आरोपितों से पूछताछ की और चिट्टे की सप्लाई के पीछे जुड़े लोगों का पता लगाने का प्रयास किया।
जांच में मिली जानकारी और तथ्यों के आधार पर चिट्टे की सप्लाई की पिछली कड़ी सामने आई। इसमें गौरव तिशावर की कथित संलिप्तता का पता चला।
मनीमाजरा से की गिरफ्तारी
इसके बाद पुलिस टीम ने मनीमाजरा पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित तक मादक पदार्थ कहां से पहुंचता था और वह आगे किन लोगों को इसकी सप्लाई करता था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
इस वर्ष 77 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस इस वर्ष मुख्य सप्लायरों और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर विशेष ध्यान दे रही है। 2026 में अब तक पुलिस ने 77 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है और 58 अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया है। 2025 में आठ मुख्य सप्लायर और चार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। 2024 में 12 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार करने के साथ तीन नेटवर्क पर कार्रवाई हुई थी। पुलिस का कहना है कि नशे के मामलों में सप्लाई की पूरी कड़ी का पता लगाकर मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
