मणिमहेश यात्रा: चौगान में स्वास्थ्य शिविर में लापरवाही, समय से पहले ताला; भटकते रहे श्रद्धालु
मणिमहेश यात्रा के दौरान चौगान में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविर में कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। निर्धारित समय से पहले ही शिविर बंद कर दिए जाने से उपचार के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुख्य बिंदु:
- समय से पहले बंद: शिविर को सायं 4:30 बजे तक खुला रखने के निर्देश थे, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी दोपहर बाद 3:00 बजे ही ताला लगाकर वहां से नदारद हो गए।
- परेशान हुए श्रद्धालु: दोपहर 3:00 बजे के बाद पंजाब से आए दो श्रद्धालु पेट दर्द की गंभीर समस्या लेकर दवाई लेने पहुंचे, परंतु शिविर स्थल पर कोई भी स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला।
- मजबूरी में लौटना पड़ा: स्थानीय लोगों की सलाह पर दोनों श्रद्धालु चौगान से अस्पताल जाने के बजाय पंजाब की ओर रवाना हो गए और रास्ते में किसी केमिस्ट से दवा लेने की बात कही।
- विभागीय सुस्ती: इस लचर व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा यह सुध तक नहीं ली जा रही है कि कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं या नहीं।
मणिमहेश यात्रा: चौगान स्वास्थ्य शिविर में लापरवाही परCMO ने दिए जांच के आदेश
चंबा: चौगान में मणिमहेश श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविर में कर्मचारियों द्वारा समय से पहले ड्यूटी छोड़कर जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों और मीडिया की पड़ताल में लचर व्यवस्था की पोल खुल गई है।
मुख्य बिंदु:
- स्थानीय लोगों का रोष: चमन सिंह, किशोर, विनोद कुमार, महिंद्र सिंह, जय सिंह और राहुल कुमार ने बताया कि जिस उद्देश्य से शिविर लगाया गया था, वह पूरा नहीं हो रहा है। जब समय 4:30 बजे तक का है, तो उससे पहले शिविर बंद करने का कोई औचित्य नहीं है।
- मीडिया की पड़ताल में सच आया सामने: मंगलवार दोपहर 3:20 बजे ‘संवाद न्यूज एजेंसी’ की टीम ने मौके पर जाकर जायजा लिया तो कलाकेंद्र पूरी तरह खाली मिला। वहां रखी दवाइयां, कुर्सियां और टेबल कर्मचारियों के साथ नदारद थे।
- CMO की प्रतिक्रिया: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि निर्धारित समय से पहले शिविर क्यों बंद किया गया, इसकी पूरी जांच की जाएगी।
नोट: स्वास्थ्य विभाग की इस प्रकार की लापरवाही से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर विभाग को त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
