मुख्य शिक्षक पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
शिमला | एक मुख्य शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने शिमला-3 में बीआरसीसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) के पद पर कार्यरत रहने के दौरान वित्तीय अनियमितताएं कीं। मामले में आरोप है कि पद पर रहते हुए वित्तीय लेन-देन और सरकारी धन के उपयोग में अनियमितताएं बरती गईं।
मामले की शिकायत के बाद संबंधित स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में मुख्य शिक्षक बर्खास्त
शिमला | शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद मुख्य शिक्षक अशोक कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
अशोक कुमार पर आरोप था कि उन्होंने शिमला-3 में बीआरसीसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) के पद पर कार्यरत रहने के दौरान वित्तीय अनियमितताएं कीं। मामले की विभागीय जांच पूरी होने पर आरोप सही पाए गए, जिसके बाद उन्हें सेवा से हटाने का निर्णय लिया गया।
मुख्य शिक्षक की बर्खास्तगी के आदेश उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा, निशा भलूनी के कार्यालय से जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में मुख्य शिक्षक बर्खास्त
शिमला | शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद मुख्य शिक्षक अशोक कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित होने पर यह कार्रवाई की गई। बर्खास्तगी के आदेश उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा, शिमला के कार्यालय से जारी किए गए हैं।
अशोक कुमार पर आरोप था कि उन्होंने शिमला-3 में बीआरसीसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) के पद पर कार्यरत रहने के दौरान सरकारी धन के उपयोग में अनियमितताएं कीं। विभागीय जांच में पाया गया कि उन्होंने सरकारी धन का दुरुपयोग किया तथा परिवहन बिलों और सरकारी रिकॉर्ड समय पर जमा करने में भी गड़बड़ी की।
सतर्कता विभाग की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
आदेशों के अनुसार, आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग को शिकायत भेजी। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की।
जांच के दौरान लगाए गए आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर विभाग ने मुख्य शिक्षक अशोक कुमार को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला लिया। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच में आरोप सिद्ध, स्पष्टीकरण नहीं आया काम; मुख्य शिक्षक सेवा से बर्खास्त
शिमला | वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मुख्य शिक्षक अशोक कुमार के खिलाफ विभागीय जांच पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जांच अधिकारी ने मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी, जिसमें शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए।
जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपी शिक्षक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। उन्होंने जांच अधिकारी के समक्ष आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत किया, लेकिन विभाग ने उसे संतोषजनक नहीं माना।
जांच अधिकारी ने सभी दस्तावेजों और तथ्यों की समीक्षा करने के बाद 30 जून 2026 को अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपी। रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप प्रमाणित पाए गए।
इससे पहले विभाग ने प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने पर अशोक कुमार को निलंबित कर दिया था। अंतिम विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर अब उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
