सरकारी कार्यों के लिए राज्य के भीतर हवाई यात्रा को मिली मंजूरी
वित्त विभाग द्वारा जारी संशोधित निर्देशों के तहत अब विभिन्न विभागों के अधिकारी सरकारी कार्यों के लिए राज्य के भीतर संचालित हवाई सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। इस संबंध में विभाग ने यात्रा नियमों में आवश्यक संशोधन करते हुए अधिकारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार हवाई यात्रा की अनुमति प्रदान की है।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अधिकारियों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक होगी और दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी। नए निर्देशों के लागू होने के बाद विभागीय अधिकारी आवश्यकता के अनुसार राज्य के भीतर उपलब्ध हवाई सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सरकारी अधिकारियों की आधिकारिक हवाई यात्राओं को मंजूरी, वित्त विभाग ने जारी किए संशोधित निर्देश
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी अधिकारियों की आधिकारिक हवाई यात्राओं को मंजूरी प्रदान कर दी है। वित्त विभाग द्वारा जारी संशोधित निर्देशों के तहत अब विभिन्न विभागों के अधिकारी सरकारी कार्यों के लिए राज्य के भीतर संचालित हवाई सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।
प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, किसी भी अधिकारी को हवाई यात्रा करने से पहले अपने नियंत्रक अधिकारी से पूर्व स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल आधिकारिक कार्यों के लिए ही उपलब्ध होगी और निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन करना होगा।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना, दूरस्थ क्षेत्रों तक अधिकारियों की पहुंच को सुगम बनाना तथा सरकारी कार्यों के निष्पादन में दक्षता बढ़ाना है। साथ ही, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए हवाई यात्रा की अनुमति को पूर्व स्वीकृति की शर्त से जोड़ा गया है।
हवाई यात्रा के दायरे का विस्तार, अधिकारियों को मिलेंगे अधिक विकल्प
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2020 में फिजूलखर्ची पर नियंत्रण के उद्देश्य से जारी निर्देशों के तहत सरकारी अधिकारियों की हवाई यात्रा की अनुमति सीमित दायरे में दी गई थी। इसके बाद नवंबर 2023 में अधिकारियों को सरकारी कार्यों के लिए पवन हंस लिमिटेड के हेलिकॉप्टरों और एलायंस एयर के विमानों से यात्रा करने की अनुमति प्रदान की गई थी।
अब राज्य सरकार ने इन प्रावधानों का विस्तार करते हुए राज्य के भीतर संचालित अन्य विमान सेवाओं को भी इस व्यवस्था में शामिल कर लिया है। इससे अधिकारियों के लिए हवाई यात्रा के विकल्प बढ़ेंगे और सरकारी कार्यों के निष्पादन में अधिक सुविधा मिलेगी।
वित्त विभाग के अनुसार, इस निर्णय से अधिकारियों का बहुमूल्य समय बचेगा और सड़क मार्ग से होने वाली लंबी यात्राओं की आवश्यकता कम होगी। अधिकारी कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
सरकार का मानना है कि विशेष रूप से जनजातीय एवं दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी, विकास कार्यों की समीक्षा और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। इसके अलावा अधिकारी बैठकों, निरीक्षणों और आपात परिस्थितियों में समय पर पहुंच सकेंगे, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
