लाखों के कर्ज से परेशान युवक ने रची अपनी गुमशुदगी की साजिश, भाई ने भी दिया साथ
डांड पंचायत के 22 वर्षीय युवक तौफीक ने सिर पर चढ़े लाखों रुपये के कर्ज से बचने के लिए अपनी ही गुमशुदगी की पटकथा रच डाली। इस पूरी साजिश में उसके बड़े भाई शहजाद ने भी उसका पूरा साथ दिया। मामले का खुलासा होने पर दोनों की योजना सामने आ गई, जिससे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
ऑनलाइन गेमिंग के कर्ज से बचने के लिए युवक ने रची गुमशुदगी की साजिश, जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते कर्ज से परेशान एक 22 वर्षीय युवक ने हकीकत से बचने के लिए ऐसी कहानी गढ़ी, जिसने परिवार और पुलिस दोनों को गुमराह कर दिया। डांड पंचायत से जुड़े इस मामले ने पहले गुमशुदगी का रूप लिया, फिर हादसे और यहां तक कि हत्या की आशंका तक पहुंच गया।
हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ मामले की परतें खुलने लगीं और घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया। अब सामने आ रहे तथ्यों से संकेत मिल रहे हैं कि यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है, जहां सच और झूठ के बीच की रेखा लगातार धुंधली होती नजर आ रही है।
बड़े भाई ने साजिश में दिया साथ
लाखों की उधारी सिर पर होने पर डांड पंचायत के 22 वर्षीय युवक तौफीक ने अपनी ही गुमशुदगी की पटकथा लिख डाली। इसमें उसके बड़े भाई शहजाद ने भी पूरा साथ दिया। बताया जा रहा है कि बड़े भाई ने तौफीक को जिले से बाहर जाने वाली बस में बैठाया था। बुधवार को परिजन युवक को लेकर पुलिस चौकी बनीखेत पहुंचे। पुलिस युवक से गहनता से पूछताछ में जुटी है। हैरत की बात है कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी होने के बावजूद युवक का भाई अनभिज्ञ बना रहा। सीसीटीवी फुटेज में बस में तौफीक के रवाना होने की तस्वीर सामने आने पर मामले से पर्दा उठ गया है।
हत्या कर शव जलाशय में फेंकने की जताई थी आशंका
शहजाद ने बताया कि तौफीक शनिवार शाम शाम करीब 5 बजे पिकअप वाहन में मुर्गे खरीदकर लाने के लिए किहार से पठानकोट जा रहा था। शुक्रवार रात करीब आठ बजे के बाद से युवक का मोबाइल फोन बंद था। सुबह पठानकोट के आढ़ती से पता करने पर पता चला कि वह नहीं पहुंचा है। इसके बाद परिजनों ने किहार पुलिस थाना में सूचित किया। युवक की मोबाइल लोकेशन चौहड़ा जलाशय के समीप पाई गई। युवक की तलाश में परिजन और ग्रामीण निकल पड़े। शनिवार को चमेरा जलाशय के समीप सड़क के किनारे युवक की एक चप्पल और वाहन का टायर बरामद हुआ। युवक के बड़े भाई ने इन वस्तुओं की पहचान की। इसके बाद आशंका हो गई कि युवक की हत्या कर किसी ने वाहन 100 मीटर पीछे ले जाकर जलाशय में गिरा दिया। परिजनों का कहना है कि युवक पोल्ट्री कारोबार से जुड़ा था। मुर्गों की खरीदारी के लिए उसके पास करीब दस लाख रुपये थे। उन्होंने युवक की हत्या की संभावना जताई।परिजन लापता युवक को लेकर बनीखेत चौकी पहुंचे हैं। पुलिस हर पहलु की बारीकी से जांच कर रही है। -विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक
