हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने आज से ‘हिम बस कार्ड’ योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत राज्य के लोग मात्र ₹236 में यह कार्ड बनवाकर एचआरटीसी (HRTC) की बसों में रियायती और कई श्रेणियों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का कहना है कि यह योजना आम यात्रियों, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए एक बड़ी सौगात है, जिससे लोगों को सस्ती, सुरक्षित और डिजिटल यात्रा की सुविधा मिलेगी।
‘हिम बस कार्ड’ एक स्मार्ट ट्रैवल कार्ड होगा, जिसमें यात्री की पूरी जानकारी दर्ज रहेगी। इस कार्ड का इस्तेमाल एचआरटीसी की सभी बसों में किया जा सकेगा। इसमें यात्रियों को टिकट के लिए नकद भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। कार्ड में बैलेंस रिचार्ज कराकर यात्री आसानी से यात्रा कर सकेंगे। यह कार्ड मेट्रो कार्ड की तरह काम करेगा और हर यात्रा का रिकॉर्ड स्वतः दर्ज होता रहेगा।
आवेदन की प्रक्रिया भी बेहद सरल रखी गई है। इच्छुक यात्री एचआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर अपने नजदीकी बस डिपो से फॉर्म लेकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय केवल पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर देना होगा। आवेदन शुल्क ₹236 निर्धारित किया गया है। कार्ड बनने के बाद यात्री इसे संबंधित डिपो से प्राप्त कर सकते हैं या अपने पते पर मंगवा सकते हैं।
इस कार्ड से न केवल यात्रियों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि डिजिटल पेमेंट और पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, छात्रों और दिव्यांगों को पहले से तय श्रेणियों के अनुसार विशेष छूट और कुछ रूट्स पर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। वहीं, आम यात्रियों को भी रियायती किराए का लाभ मिलेगा।
एचआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य राज्य की परिवहन प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाना है। नकद लेनदेन की जगह कार्ड आधारित व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और टिकटिंग प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी। आने वाले समय में इस कार्ड को मोबाइल एप से भी जोड़ा जाएगा ताकि यात्री घर बैठे ही रिचार्ज और टिकट बुकिंग कर सकें।
सरकार का दावा है कि यह कदम हिमाचल प्रदेश को स्मार्ट ट्रांसपोर्ट की दिशा में आगे ले जाएगा। निगम ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना ‘हिम बस कार्ड’ बनवाएं और डिजिटल यात्रा अभियान का हिस्सा बनें। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली भी और अधिक सक्षम और विश्वसनीय बन सकेगी।
